सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारत में विकसित Cervavac HPV वैक्सीन को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से प्री-क्वालिफिकेशन मिल गया है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की ओर से विकसित यह भारत की पहली स्वदेशी जेंडर-न्यूट्रल क्वाड्रिवेलेंट HPV वैक्सीन है। WHO की सूची में शामिल होने के बाद संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियां इसकी खरीद कर सकेंगी, जिससे दुनिया के अन्य देशों में इसके पहुंचने का रास्ता आसान होगा। Cervavac HPV के चार प्रकार- 6, 11, 16 और 18 को लक्षित करती है। इनमें HPV-16 और HPV-18 कई कैंसर के मामलों से जुड़े हाई-रिस्क प्रकार हैं, जबकि HPV-6 और HPV-11 मुख्य रूप से जननांग मस्सों से जुड़े हैं। वैक्सीन को 9 से 26 वर्ष की उम्र के लड़के और लड़कियों के लिए संबंधित बीमारियों से बचाव के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
WHO प्री-क्वालिफिकेशन का मतलब है कि वैक्सीन ने संगठन की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावशीलता से जुड़े निर्धारित मानकों को पूरा किया है। हालांकि, इसका यह अर्थ नहीं है कि हर देश में वैक्सीन तुरंत उपलब्ध हो जाएगी। अलग-अलग देशों को अपने टीकाकरण कार्यक्रम, नियामकीय प्रक्रिया और खरीद संबंधी फैसले अलग से लेने होंगे। Cervavac की इस उपलब्धि को भारत के वैक्सीन और बायोटेक्नोलॉजी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे HPV संक्रमण और उससे जुड़े कैंसर की रोकथाम के वैश्विक प्रयासों में भारत की भूमिका मजबूत हो सकती है।
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