सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से अटकी हुई व्यापार डील अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंचती दिख रही है। सूत्रों के मुताबिक, अगले 48 घंटों में अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया जा सकता है। वाशिंगटन में दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय वार्ता जारी है, जहां भारतीय प्रतिनिधिमंडल फिलहाल मौजूद है और जरूरी मुद्दों पर सहमति बनाने की कोशिश में लगा हुआ है।

दरअसल, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही संकेत दे दिए हैं कि 9 जुलाई के बाद भारत से आने वाले सामानों पर रेसिप्रोकल (प्रतिस्पर्धात्मक) टैरिफ लगाया जाएगा। ऐसे में भारत के लिए यह आवश्यक हो गया है कि इससे पहले ही व्यापार समझौते को अमलीजामा पहना दिया जाए। व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि इस डील से न सिर्फ टैरिफ वॉर टलेगा, बल्कि ई-कॉमर्स, फार्मा और ऑटो सेक्टर जैसे प्रमुख क्षेत्रों को नई दिशा मिलेगी।

ट्रंप ने 2 अप्रैल को ‘लिबरेशन डे’ की घोषणा करते हुए कहा था कि अमेरिका अब एकतरफा व्यापार को बर्दाश्त नहीं करेगा। इसके जवाब में भारत ने भी कूटनीतिक स्तर पर संवाद तेज कर दिया था, जिसका नतीजा अब समझौते के रूप में सामने आ सकता है।

अगर यह डील तय समय में हो जाती है, तो यह भारत-अमेरिका संबंधों में नई आर्थिक साझेदारी की शुरुआत मानी जाएगी।

मुख्य बातें:

  • भारत-अमेरिका व्यापार समझौता 48 घंटे में संभव

  • वाशिंगटन में बातचीत जारी

  • 9 जुलाई से पहले टैरिफ से बचने की कोशिश

  • ई-कॉमर्स, फार्मा और टेक सेक्टर पर डील का बड़ा असर

यह समझौता दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को नई मजबूती दे सकता है और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग का रास्ता खोल सकता है।

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