सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत और अमेरिका के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि मुंबई और अमेरिका के बीच व्यापारिक संपर्क की शुरुआत कभी बर्फ के व्यापार से हुई थी, लेकिन आज यह रिश्ता वित्त, वाणिज्य, प्रौद्योगिकी और रणनीतिक सहयोग तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए साझा हितों का विस्तार करना आवश्यक है। जयशंकर ने मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को मुंबई में अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। इस कार्यक्रम में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, उनकी पत्नी और अमेरिकी कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

बर्फ के व्यापार से तकनीकी साझेदारी तक का सफर जयशंकर ने भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चले आ रहे ऐतिहासिक संपर्कों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंधों ने समय के साथ व्यापक रूप लिया है। कभी व्यापारिक वस्तुओं के आदान-प्रदान से शुरू हुआ संपर्क आज वित्तीय गतिविधियों, निवेश, तकनीकी नवाचार और वैश्विक सहयोग का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। उन्होंने मुंबई को भारत की वित्तीय राजधानी के साथ-साथ शिक्षा, अनुसंधान, उद्यमिता, सिनेमा, संस्कृति, खेल और प्रौद्योगिकी का प्रमुख केंद्र बताया। उनके अनुसार, मुंबई की वैश्विक पहचान भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने में विशेष भूमिका निभाती है। व्यापार, निवेश और ऊर्जा में सहयोग की संभावनाएं विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और अमेरिका के पास व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी तथा ऊर्जा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के नए अवसर हैं। उन्होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने को भी दोनों देशों का साझा हित बताया। जयशंकर ने कहा कि पिछले कुछ दशकों में भारत-अमेरिका साझेदारी लगातार विस्तारित हुई है। रक्षा, ऊर्जा और नागरिक उड्डयन सहित कई क्षेत्रों में हुई प्रगति इसका उदाहरण है। उन्होंने क्वाड, मिशन 500, पैक्स सिलिका और फोर्ज जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए इन्हें द्विपक्षीय सहयोग के महत्वपूर्ण आयामों से जोड़ा।

मतभेदों के बावजूद संबंधों में मजबूती जयशंकर ने स्वीकार किया कि भारत और अमेरिका के बीच कुछ मुद्दों पर मतभेद रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद दोनों देशों के संबंध मजबूत हुए हैं। उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक व्यवस्था में साझा हितों की पहचान और उनका विस्तार द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। नियमित संवाद और साझा प्राथमिकताओं पर सहयोग से दोनों देश भविष्य की चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना कर सकते हैं।

आतंकवाद के खिलाफ सहयोग का भी उल्लेख मुंबई में 26/11 आतंकी हमले का जिक्र करते हुए जयशंकर ने शहर के साहस और दृढ़ संकल्प को याद किया। उन्होंने हमले में छह अमेरिकी नागरिकों की मौत का उल्लेख किया और ताज होटल स्थित स्मारक पर श्रद्धांजलि देने के लिए मार्को रुबियो की सराहना की। उन्होंने तहव्वुर हुसैन राणा के प्रत्यर्पण में अमेरिकी प्रशासन के सहयोग का स्वागत करते हुए आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। जयशंकर ने अमेरिका को उसकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ की शुभकामनाएं दीं और भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।


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