सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारत अंतरिक्ष में आधारित कंप्यूटिंग के एक नए तरीके का परीक्षण कर रहा है। ‘इन-ऑर्बिट एआई लैब’ के तहत एमओआई-1ए उपग्रह को स्पेसएक्स के फाल्कन-9 रॉकेट से प्रक्षेपित किया गया है। इस मिशन का उद्देश्य यह प्रदर्शित करना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और एज-कंप्यूटिंग क्षमताओं को सीधे कक्षा में तैनात कर पृथ्वी-अवलोकन से प्राप्त आंकड़ों का अंतरिक्ष में ही विश्लेषण किया जा सकता है। आमतौर पर उपग्रहों से एकत्र कच्चे आंकड़ों को प्रसंस्करण के लिए पृथ्वी स्थित ग्राउंड स्टेशनों तक भेजा जाता है। नई तकनीक का लक्ष्य उपग्रह के भीतर ही आंकड़ों का विश्लेषण करना है। इससे पृथ्वी तक भेजे जाने वाले कच्चे आंकड़ों की मात्रा कम हो सकती है और उपयोगी जानकारी तेजी से उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

कक्षा में आंकड़ों का प्रसंस्करण आपदा निगरानी, पर्यावरण अध्ययन, कृषि और अन्य पृथ्वी-अवलोकन कार्यों में उपयोगी हो सकता है, जहां समय पर जानकारी महत्वपूर्ण होती है। एमओआई-1ए प्रयोग अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के उस उभरते क्षेत्र का हिस्सा है, जिसमें उपग्रहों को अधिक सक्षम कंप्यूटिंग प्रणालियों से लैस किया जा रहा है। पृथ्वी-अवलोकन क्षमता के साथ अंतरिक्ष में एआई प्रसंस्करण को जोड़ने से अधिक स्वायत्त उपग्रह प्रणालियों के विकास में मदद मिल सकती है। यह पहल धरती के बाहर एज-कंप्यूटिंग की संभावनाओं को भी दर्शाती है, जहां आंकड़ों को उनके उत्पन्न होने के स्थान के करीब ही संसाधित किया जाता है। मिशन के परिणाम अंतरिक्ष वातावरण में एआई आधारित प्रसंस्करण की व्यावहारिक क्षमता का आकलन करने में महत्वपूर्ण होंगे।


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