सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ दिल्ली : नई दिल्ली, 21 अक्टूबर: भारत और न्यूजीलैंड ने व्यापारिक माल की उत्पत्ति संबंधी जानकारी इलेक्ट्रॉनिक रूप से साझा करने के लिए सीमा शुल्क सहयोग करार किया है। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच माल के व्यापार की प्रक्रियाओं को अधिक कुशल और भरोसेमंद बनाना है।

वित्त मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि इस समझौता ज्ञापन पर 19 अक्टूबर को केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड के अध्यक्ष विवेक चतुर्वेदी और न्यूजीलैंड सीमा शुल्क सेवा की प्रमुख क्रिस्टीन स्टीवेंसन ने हस्ताक्षर किए।

मंत्रालय के अनुसार, यह व्यवस्था भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते के तहत की गई है, जो 20 अक्टूबर से लागू हुआ।

माल की उत्पत्ति से जुड़ी जानकारी पहले ही डिजिटल रूप में मिलने से दोनों देशों के सीमा शुल्क अधिकारियों के बीच सूचनाओं का अंतर घटाने और कामकाज को बेहतर बनाने का लक्ष्य है। मंत्रालय ने कहा कि इससे पात्र कारोबारियों को मुक्त व्यापार समझौते के तहत मिलने वाले लाभों का उपयोग करने में अधिक स्पष्टता और निश्चितता मिलेगी।

यह ज्ञापन सीमा शुल्क प्राधिकरणों के बीच डिजिटल सूचना के आदान-प्रदान और सहयोग पर केंद्रित है। यह नई शुल्क रियायतों की अलग घोषणा नहीं, बल्कि मौजूदा व्यापार समझौते के बेहतर क्रियान्वयन की व्यवस्था है।


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