सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : आईआईएससी के प्रोफेसर अरिंदम घोष ने कहा है कि भविष्य के इंजीनियरों के लिए अंतर्विषयी ज्ञान जरूरी होगा, क्योंकि उभरती तकनीकें विज्ञान और नवाचार के कई क्षेत्रों को तेजी से एक साथ ला रही हैं।
इंजीनियरिंग शिक्षा और पेशेवर करियर की बदलती जरूरतों पर बोलते हुए प्रोफेसर घोष ने पारंपरिक शैक्षणिक विषयों से आगे व्यापक समझ विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक, समाज और उद्योग से जुड़ी जटिल चुनौतियों का समाधान निकालने के लिए इंजीनियरों को अलग-अलग क्षेत्रों के साथ मिलकर काम करना होगा।
अंतर्विषयी सीख पर जोर आधुनिक कार्यस्थल में आ रहे बदलावों को भी दर्शाता है, जहां परियोजनाओं में अलग-अलग तकनीकी पृष्ठभूमि के विशेषज्ञों के बीच सहयोग की जरूरत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में इंजीनियरिंग छात्रों के लिए अपने विषय की मजबूत जानकारी के साथ विभिन्न अनुशासनों के बीच प्रभावी संवाद और कार्य करने की क्षमता भी जरूरी है।
प्रोफेसर घोष की टिप्पणियां शैक्षणिक संस्थानों में क्रॉस-डिसिप्लिनरी सीख, शोध और नवाचार को बढ़ावा देने की जरूरत को रेखांकित करती हैं। यह दृष्टिकोण छात्रों में विश्लेषणात्मक सोच, अनुकूलन क्षमता और समस्या-समाधान कौशल विकसित करने में मदद कर सकता है, जो भविष्य के करियर के लिए आवश्यक होंगे।
तेजी से बदलते तकनीकी और औद्योगिक परिवेश के लिए इंजीनियरों की अगली पीढ़ी को तैयार करने में अंतर्विषयी शिक्षा की भूमिका आगे और बढ़ने की उम्मीद है।
Hashtags: #BusinessEconomy #Bhopal #IISc #ArindamGhosh #InterdisciplinaryLearning #Engineering #बजनस #अरथवयवसथ #भपल #आईआईएसस