सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल / नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को दिल्ली में आयोजित एमएस स्वामीनाथन शताब्दी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में स्पष्ट कहा कि भारत किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के हितों से कोई समझौता नहीं करेगा। पीएम मोदी ने कहा, “मैं जानता हूं कि इसके लिए व्यक्तिगत कीमत चुकानी पड़ सकती है, पर मैं तैयार हूं।” यह बयान अमेरिका द्वारा भारत पर 50% टैरिफ लगाने के फैसले के ठीक एक दिन बाद आया है। अमेरिका भारतीय कृषि और डेयरी सेक्टर में एंट्री चाहता है, लेकिन भारत इससे सहमत नहीं है। इससे पहले दोनों देशों के बीच पांच दौर की बातचीत हो चुकी है और छठा दौर 24 अगस्त को होगा।
भारत का मानना है कि अमेरिकी डेयरी उत्पाद देश के छोटे किसानों को नुकसान पहुंचा सकते हैं और धार्मिक आस्थाओं को भी ठेस पहुंचा सकते हैं। इसके अलावा, अमेरिका चाहता है कि गेहूं, चावल, सोयाबीन जैसे उत्पादों पर भारत टैक्स घटाए और जीएमओ फसलों की एंट्री दे, जिसका भारत विरोध करता रहा है।
मोदी ने कहा कि स्वामीनाथन का जीवन किसानों की भलाई के लिए समर्पित रहा और सरकार उनके मार्गदर्शन में योजनाएं चला रही है, जैसे पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, कृषि सिंचाई योजना और ई-एनएएम। भारत का रुख स्पष्ट है—किसानों के हित सर्वोपरि हैं।
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