सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस  /  आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल   /   नई दिल्ली   :  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाकर बड़ा झटका दिया है। यह टैरिफ भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने के कारण लगाया गया है। बता दें कि पहले अमेरिका ने 25% टैरिफ घोषित किया था, जिसे अब दोगुना कर दिया गया है। इस फैसले से भारतीय व्यापारिक जगत और निर्यातकों में चिंता का माहौल है।

हालांकि, नीति आयोग के पूर्व सीईओ और भारत के पूर्व जी-20 शेरपा अमिताभ कांत इस फैसले को “सदी का सुनहरा मौका” मानते हैं। उनका कहना है कि यह चुनौती भारत के लिए एक बड़ा सुधारवादी मोड़ बन सकती है। उनके अनुसार, भारत को अब मैन्युफैक्चरिंग, निर्यात नीति और वैश्विक आपूर्ति शृंखला में अपने कदम मजबूत करने चाहिए।

अमिताभ कांत का मानना है कि भारत को टैरिफ के डर से पीछे हटने की बजाय, इसे नीतिगत आत्मनिर्भरता और ग्लोबल प्रतिस्पर्धा में बढ़त के अवसर के रूप में देखना चाहिए। इस संकट से निकलने के लिए भारत को तेजी से निवेश, टेक्नोलॉजी, स्किल डेवलपमेंट और एक्सपोर्ट ड्रिवन स्ट्रैटेजी को अपनाना होगा।

इस तरह अमेरिका के टैरिफ से उत्पन्न संकट को भारत सुधार और सशक्तिकरण का मंच बना सकता है।

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