राहुल गांधी के आरोप:
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर फर्जी प्रविष्टियाँ, डुप्लीकेट एड्रेसेस और blurred फोटो जैसी अनियमितता हुई थी।
ECI की प्रतिक्रिया:
निर्वाचन आयोग ने गांधी से आग्रह किया कि या तो वह अपनी बातों को औपचारिक रूप से शपथपत्र द्वारा प्रमाणित करें या जनमानस से माफी मांगे।
राजनीतिक प्रतिक्रिया:
छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने आयोग से मांग की कि वह मशीन-रीडेबल वोटर डेटा और CCTV फुटेज सार्वजनिक करे, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और लोक विश्वास बहाल हो सके।
उधर, मंगलुरु से पूर्व मंत्री बी. रमनाथ राय ने आयोग को “वोट चोरी घोटाला” के लिए ज़िम्मेदार ठहराया और कहा कि ECI राहुल गांधी पर कार्रवाई करने की बजाय व्यवस्था की गड़बड़ी पर ध्यान दे।
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार राहुल गांधी के खुलासों से डरती है और पुर्तगाली चुनाव प्रणाली (ballot paper) अपनाने की वकालत की।
विश्लेषण और सुझाव:
एक लेख ने इस समस्या की तुलना “thermonuclear weapon” से की है, कहा गया है कि आयोग को त्वरित, निष्पक्ष और पेशेवर तरीके से इस मामले का निपटारा करना चाहिए—चाहे राजनीतिक असहयोग हो या न हो।
निष्कर्ष :
निर्वाचन आयोग (ECI) को चाहिए कि वह राहुल गांधी द्वारा उठाए गए चिंताजनक सवालों को नजरअंदाज़ न करे। पारदर्शिता, खुलापन और जवाबदेही से ही लोकतंत्र की नींव को पुख्ता किया जा सकता है। तुरंत मशीन-रीडेबल डेटा, वीडियो रिकॉर्डिंग और स्वतंत्र जांच कराना अब समय की मांग है ताकि जनता का विश्वास दोबारा स्थापित हो सके।

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