सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : प्रदेश के प्रतिष्ठित नेक द्वारा ए + ग्रेड प्राप्त श्री सत्य साई महिला महाविद्यालय के कला संकाय द्वारा शरद पूर्णिमा के शुभ अवसर पर अंतर महाविद्यालयीन एकल सुगम संगीत प्रतियोगिता का आयोजन महाविद्यालय में किया गया। इस संगीत प्रतियोगिता के मुख्य अतिथि थे पद्मश्री उमाकांत गुन्देजा । विशेष अतिथि एवं निर्णायक थीं डॉ.अश्विना रंगनेकर (सेवानिवृत्त)संगीत विभाग अध्यक्ष सरोजिनी नायडू कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भोपाल एवं प्रमोद भट्ट (सेवानिवृत्त) तबला वादक सरोजिनी नायडू कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय तथा द्वारिकाधीश संगीत विद्यालय के निदेशक। अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गई । महाविद्यालय की निदेशक डॉ प्रतिभा सिंह व प्राचार्य अर्चना श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत नन्हा पौधा, शाल, श्रीफल व स्मृति चिन्ह भेंटकर किया। प्राचार्य अर्चना श्रीवास्तव ने स्वागत भाषण में कहा कि संगीत, जीवन का संगीत है। वह हम सभी के जीवन से जुड़ा है।संगीत फ्रिक्वेंसी है।हर वस्तु का संगीत होता है। उन्होंने कहा कि शून्य में भी संगीत है। संगीत आत्मा है । प्रत्येक व्यक्ति का अलग संगीत है।इसी के साथ महाविद्यालय की विशेषताओं पर प्रकाश डाला।

निदेशक प्रतिभा सिंह ने अपने आशीर्वचन में कहा कि संगीत जीवन के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपने जीवन में प्राचार्य पद पर रहते हुए संगीत के प्रति किए गए विशेष कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि संगीत आनंद है ।यह हमें ऊर्जा प्रदान करता है। इसी के साथ महाविद्यालय की गुणवत्ता पर प्रकाश डाला व सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं। मुख्य अतिथि पद्श्री उमाकांत गुन्देजा ने अपने वक्तव्य में महिला सशक्तिकरण की बात कहते हुए बाबा के योगदान की सराहना की तथा कहा कि प्रतियोगिता संघर्ष देती है , नींव तैयार करती है ,सफलता के गुर मंत्र देती है। विधार्थी अपने लक्ष्य को साधेंगे तो संगीत के हर क्षेत्र में उन्नति के अवसर हैं। ध्येय पर पर अडिग रहकर ही सफलता प्राप्त की जा सकती है। डॉ. अश्विना रंगनेकर ने संगीत का महत्व बताते हुए कहा कि संगीत के नियमों का पालन कर सुर ,लय ,ताल एवं शुद्ध उच्चारण करें। प्रतिदिन नियमित रूप से अभ्यास कर गीत की बारीकियों को सीखें। गायकी के लिए शास्त्रीय संगीत के प्रारंभिक ज्ञान को प्रमुख बताया ।

विशिष्ट अतिथि – डॉ.प्रमोद भट्ट ने संगीत को मानव की आत्मा तथा जीवन की साधना बताते हुए सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं। संगीत प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार- रिषिका प्रजापति द्वितीय पुरस्कार- रिया पिल्लई तृतीय पुरस्कार- महक गोस्वामी प्रोत्साहन -दिशा पाराशर एवं कृष्णा विश्वकर्मा को प्रदान किया गया। प्रथम विजेता को 1100,द्वितीय पुरस्कार प्राप्त विजेता को ₹ 750 एवं तृतीय पुरस्कार प्राप्त विजेता को ₹500 की राशि शील्ड एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया गया इस कार्यक्रम में अनेक महाविद्यालयों- बी. एसएस एस महाविद्यालय, संगीत साधना म्यूजिक क्लास,श्री सत्य साईं महिला महाविद्यालय, भोपाल , लाल साईं विद्या मंदिर महाविद्यालयों के 20 प्रतिभागियों ने भागीदारी की। कला संकाय प्रमुख मालती जोशी ने अतिथियों को पुष्प गुच्छ भेंट किए। इस अवसर पर महाविद्यालय की विधि विभाग की प्राचार्य डॉ.अंजू बाजपेयी, उपप्राचार्य रेणू मिश्रा, अनीता असैया विभागाध्यक्ष संगीत विभाग सहित समस्त प्राध्यापकगण एवं छात्र ,छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीजी सेठ विभागाध्यक्ष राजनीति विभाग ने किया । धन्यवाद ज्ञापन अनुपमा चौहान हिन्दी विभागाध्यक्ष ने किया। कार्यक्रम का आयोजन कला संकाय द्वारा तथा महाविद्यालय की निदेशक प्रतिभा सिंह के सौजन्य से किया गया।
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