सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (निफ्ट), भोपाल में नेशनल हैंडलूम डे पारंपरिक बुनाई कला और शिल्प विरासत को सम्मान देने के उद्देश्य से उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि मदन नागरगोजे, आई.ए.एस.,आयुक्त – हस्तशिल्प एवं हथकरघा, मध्य प्रदेश सरकार द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। अपने संदेश में उन्होंने हैंडलूम को भारत की सांस्कृतिक आत्मा बताया और युवाओं से इसे अपनाने का आह्वान किया। गेस्ट ऑफ ऑनर, राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त चंदेरी बुनकर मोहम्मद दिलशाद कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने अपने जीवन के संघर्षों को साझा करते हुए बताया कि उन्हें 2010 में चंदेरी साड़ी नक्सी बॉर्डर के लिए एक्सीलेंस अवॉर्ड और 2011-12 में कबीर बुनकर पुरस्कार योजना में द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ था।


उन्होंने कहा कि कैसे निफ्ट भोपाल ने उन्हें और उनकी कला को निरंतर मंच और सहयोग प्रदान किया है। उन्होंने यह भी कहा कि संस्थान की रुचि और समर्थन से उन्हें नई पीढ़ी से जुड़ने, अपने उत्पादों को डिज़ाइन की दृष्टि से निखारने और शिल्प को नए आयाम देने का अवसर मिला है। उन्होंने आभार प्रकट करते हुए कहा कि वे निफ्ट, भोपाल के साथ लगातार जुड़े हुए हैं और भविष्य में भी यह सहयोग जारी रहेगा। इस अवसर पर निफ्ट, भोपाल के निटवियर डिज़ाइन विभाग के छात्रों द्वारा तैयार स्टोल भेंट कर उन्हें सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में टेक्सटाइल डिजाइन विभाग द्वारा तैयार शिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी का आयोजन हुआ, जिसमें पारंपरिक तकनीकों को समकालीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया। छात्रों के कार्यों को दर्शकों और कारीगरों से भरपूर सराहना मिली। आयोजन का मुख्य आकर्षण “मेरा हथकरघा, मेरा गौरव”थीम पर आधारित स्टाइलिंग प्रतियोगिता रही, जिसमें छात्रों ने भाग लिया और हैंडलूम वस्त्रों की आधुनिक प्रस्तुति दी।
इस कार्यक्रम का समन्वय संस्थान के निदेशक अखिल सहाय के नेतृत्व में किया गया, जिसमें क्लस्टर इनिशिएटिव कोऑर्डिनेटर अनुपम सक्सेना और कैंपस एकेडमिक कोऑर्डिनेटर देबोज्योति गांगुली की विशेष भूमिका रही। आयोजन में महेश्वर, बुढ़नी, सीहोर, अंबेडकर नगर, भोपाल और चंपा जैसे विभिन्न हैंडलूम और शिल्प क्लस्टरों की सक्रिय भागीदारी रही, जिससे यह कार्यक्रम राज्य की विविध कारीगरी परंपराओं का उत्सव बन गया। कार्यक्रम के अंत में टेक्सटाइल डिज़ाइन की पाँचवें सेमेस्टर की छात्रा ऋद्धि शर्मा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “इस प्रदर्शनी के लिए काम करते हुए हमें बुनाई की बारीकियाँ और पारंपरिक तकनीकों को नजदीक से समझने का अवसर मिला। जब हमारे बनाए उत्पादों को दर्शकों और कारीगरों से सराहना मिली, तो वह गर्व का पल था। हैंडलूम हमारे लिए सिर्फ प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि एक भावनात्मक जुड़ाव बन गया है।”


निफ्ट, भोपाल का उद्देश्य केवल डिज़ाइन शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय बुनकरों और शिल्पकारों के उत्पादों को नवोन्मेषी डिज़ाइन और आधुनिक प्रस्तुति के माध्यम से लोकप्रिय बनाना भी है। संस्थान का यह प्रयास न केवल पारंपरिक कारीगरी को नई पहचान देने का कार्य कर रहा है, बल्कि उन्हें बाज़ार से जोड़ने का प्रभावी माध्यम भी बन रहा है।
यह आयोजन नेशनल हैंडलूम पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसके अंतर्गत संस्थान में पूरे अगस्त माह के दौरान विभिन्न गतिविधियाँ प्रस्तावित हैं। इस श्रृंखला का समापन समारोह 15 अगस्त को आयोजित किया जाएगा, जिसमें हैंडलूम वॉक, साड़ी ड्रेपिंग वर्कशॉप, विशेषज्ञ व्याख्यान, और हैंडलूम वीविंग डेमोंस्ट्रेशन जैसे कई कार्यक्रम एक साथ आयोजित होंगे। यह दिन संस्थान के लिए केवल स्वतंत्रता दिवस ही नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध बुनाई परंपरा को नमन करने का पर्व भी होगा।

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