सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मां और मातृभाषा से ऊपर कोई नहीं है। मां हमारी सबसे बड़ी पालक हैं और मातृभाषा हमारी संस्कृति की धरोहर। उन्होंने कहा कि जैसे मां के चरणों में चारधाम है, वैसे ही मातृभाषा की गोद में आनंदधाम है। हिन्दी दिवस के अवसर पर सोमवार को रवीन्द्र भवन के हंसध्वनि सभागार में आयोजित भारतीय मातृभाषा अनुष्ठान कार्यक्रम में वे संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिन्दी विश्व की तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। उन्होंने हिन्दी को साहित्य, भावनाओं और संवेदनाओं की आत्मा बताया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देश-विदेश के 10 साहित्यकारों को राष्ट्रीय हिन्दी भाषा सम्मान से अलंकृत किया और विभिन्न साहित्यिक पुस्तकों का विमोचन किया।
कार्यक्रम में संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि प्रदेश सरकार मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में शुरू कर चुकी है और हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। आरएनटीयू के कुलगुरु संतोष चौबे ने विश्व हिंदी ओलंपियाड और विश्वरंग के विस्तार की जानकारी दी और मुख्यमंत्री को कोलंबो में आयोजित होने वाले समापन समारोह के लिए आमंत्रित किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री को विक्रमोत्सव 2025 को एशिया के शासकीय समारोह की विशेष श्रेणी में वॉव अवार्ड एशिया गोल्ड अवार्ड भी प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, वरिष्ठ साहित्यकार, विद्वान और संस्कृति प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदी दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि भारतीयता का उत्सव है जो हमें अपनी जड़ों और संस्कारों से जोड़ता है।

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