सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल / नई दिल्ली : पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने हाल ही में स्वीकार किया है कि 26/11 मुंबई आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान पर कठोर कार्रवाई करने में अंतरराष्ट्रीय दबाव एक अहम कारण रहा। चिदंबरम ने कहा कि अमेरिका और अन्य देशों के दबाव के चलते भारत को तत्काल सख्त कदम उठाने में कठिनाई हुई। 26/11 के हमले में मुंबई के कई प्रतिष्ठित स्थलों पर आतंकियों ने घातक हमला किया था, जिसमें सैकड़ों लोग घायल और दर्जनों की मौत हुई। इसके तुरंत बाद भारत ने पाकिस्तान पर कार्रवाई की मांग की, लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुदाय के दबाव और कूटनीतिक जटिलताओं के कारण तत्काल सैन्य या कड़े राजनीतिक कदम नहीं उठाए जा सके।
चिदंबरम ने बताया कि भारत ने इस दौरान पाकिस्तान के खिलाफ कई कूटनीतिक और कानूनन प्रयास किए, जिनमें संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपील करना शामिल था। उन्होंने कहा कि भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति में लगातार मजबूती लाने का प्रयास किया, बावजूद इसके तत्काल कार्रवाई में बाधाएं आईं। पूर्व मंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि 26/11 ने भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा नीतियों और आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग के महत्व को उजागर किया। उन्होंने युवाओं और आम जनता से अपील की कि आतंकवाद के खिलाफ सतत जागरूकता और सहयोग आवश्यक है। इस खुलासे से एक बार फिर यह स्पष्ट हुआ कि आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कदम लेने में अंतरराष्ट्रीय राजनीति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।
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