सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : आंचलिक विज्ञान केंद्र, भोपाल (रा.वि.सं.प. की इकाई) द्वारा विज्ञान के प्रसार और विद्यार्थियों में जिज्ञासा जगाने के उद्देश्य से दो नई भ्रमणशील विज्ञान प्रदर्शनी (मोबाइल विज्ञान प्रदर्शनी – एमएसई) बसों का शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान भोपाल के निदेशक करुणेश कुमार शुक्ल की मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। उन्होंने हरी झंडी दिखाकर दोनों बसों को रवाना किया।


इन बसों को “चलता-फिरता विज्ञान संग्रहालय” की संज्ञा दी जा रही है, क्योंकि यह ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक विज्ञान को रोचक और संवादात्मक रूप में पहुँचाने का अनूठा प्रयास है। इन बसों में लगे वर्किंग मॉडल्स, प्रयोगात्मक सेटअप और इंटरैक्टिव डिस्प्ले विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष अनुभव से सीखने का अवसर देंगे।


इस पहल के तहत दो विषयों पर आधारित बसों को लॉन्च किया गया है। पहली बस “ऊर्जा” थी, जिसे बालाघाट जिले के लिए रवाना किया गया। इसमें ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों, उनके उपयोग और संरक्षण पर प्रदर्श लगाए गए हैं। एक खास यंत्र के माध्यम से विद्यार्थी यह भी जान सकेंगे कि उनका शरीर कितनी ऊर्जा उत्पन्न कर सकता है, जो बच्चों के बीच आकर्षण का केंद्र रहेगा।दूसरी बस “मापन” थी, जिसे शहडोल जिले के लिए भेजा गया। इसमें विद्यार्थियों को मापन की बुनियादी अवधारणाओं से परिचित कराया जाएगा। परछाई के आधार पर इमारत की ऊँचाई मापना, किसी द्रव्य का पीएच लेवल जानना या शरीर का तापमान नापना जैसे प्रयोग इसमें शामिल होंगे।कार्यक्रम के दूसरे सत्र में “वैज्ञानिक से मिलें” गतिविधि आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने होमी भाभा विज्ञान शिक्षा केंद्र, मुंबई के वैज्ञानिक परेश जोशी से बातचीत की। उन्होंने “विज्ञान प्रयोगों में मापन का महत्व एवं आवश्यकता” विषय पर चर्चा की और विभिन्न प्रयोगों के पीछे छुपे वैज्ञानिक सिद्धांत समझाए। यह कार्यक्रम भोपाल केंद्र के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर लाइव भी प्रसारित हुआ।
इस पहल से अपेक्षा की जा रही है कि ग्रामीण अंचल में विज्ञान की पहुँच और अधिक मजबूत होगी तथा विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित होगा।

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