सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2024 से सितंबर 2025 के बीच अमेरिकी श्रम विभाग के पास कुल 1,17,849 PERM आवेदन दर्ज हुए, जबकि भारतीय आईटी कंपनियों से संबंधित आवेदनों की संख्या 1,400 से कम रही। यानी इन कंपनियों की हिस्सेदारी कुल आवेदनों में 2 प्रतिशत से भी कम थी। इससे संकेत मिलता है कि पूरे अमेरिकी ग्रीन कार्ड सिस्टम पर इस फैसले का असर सीमित हो सकता है, लेकिन प्रभावित कंपनियों के कुछ कर्मचारियों के लिए परेशानी गंभीर हो सकती है।
आगे क्या होगा? अभी निलंबन की अवधि और पहले से स्वीकृत आवेदनों पर इसके प्रभाव को लेकर पूरी स्पष्टता नहीं है। इसलिए प्रभावित कर्मचारियों को अपनी कंपनी के इमिग्रेशन विभाग और योग्य अमेरिकी इमिग्रेशन वकील से व्यक्तिगत स्थिति के अनुसार सलाह लेनी चाहिए।
निष्कर्ष: ट्रंप प्रशासन का यह फैसला अमेरिका में काम कर रहे सभी भारतीयों के लिए ग्रीन कार्ड पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं है। इसका सीधा प्रभाव आठ नामित कंपनियों की रोजगार-आधारित PERM प्रक्रिया पर है। यदि रोक लंबी चली, तो ग्रीन कार्ड की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों की स्थायी निवास की योजना और अमेरिका में लंबे समय तक काम करने की रणनीति प्रभावित हो सकती है।
Hashtags: #WorldInternational #Bhopal #असर #उपलब #2024 #2025 #849 #Perm #जबक #कतनभरत