सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : आपकी सेहत के लिए कितना खतरनाक है सैकरीन? जानें किन चीजों में होता है इस्तेमाल

सैकरीन एक कृत्रिम, कम कैलोरी वाला मीठा पदार्थ है, जिसका इस्तेमाल चीनी की जगह मिठास देने के लिए किया जाता है। यह चीनी की तुलना में करीब 200 से 700 गुना अधिक मीठा होता है और बहुत कम मात्रा में ही मिठास दे देता है। इसे भोजन और पेय पदार्थों में इस्तेमाल करने की अनुमति निर्धारित मात्रा और शर्तों के साथ दी गई है।

सैकरीन को लेकर सबसे ज्यादा चिंता इसके पुराने कैंसर संबंधी अध्ययनों से जुड़ी रही है। प्रयोगशाला के चूहों में अत्यधिक सेवन और मूत्राशय के ट्यूमर के बीच संबंध देखा गया था। हालांकि, बाद के मानव अध्ययनों में यह संबंध मनुष्यों पर लागू नहीं पाया गया। अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अनुसार, उपलब्ध मानव अध्ययनों के आधार पर सैकरीन को सामान्य मात्रा में सेवन के लिए सुरक्षित माना जाता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की संयुक्त खाद्य एवं कृषि संगठन–विश्व स्वास्थ्य संगठन खाद्य योजक विशेषज्ञ समिति ने सैकरीन और इसके सोडियम, पोटैशियम तथा कैल्शियम लवणों के लिए शरीर के वजन के प्रति किलोग्राम प्रतिदिन 5 मिलीग्राम स्वीकार्य दैनिक सेवन निर्धारित किया है। उदाहरण के लिए 60 किलोग्राम वजन वाले व्यक्ति के लिए यह सीमा 300 मिलीग्राम प्रतिदिन बनती है।

सैकरीन का इस्तेमाल कुछ कम कैलोरी वाले पेय, टेबल-टॉप स्वीटनर, चीनी के विकल्प, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ और कुछ अन्य खाद्य उत्पादों में किया जा सकता है। यह कुछ दवाओं और व्यक्तिगत देखभाल से जुड़े उत्पादों में भी स्वाद बेहतर करने के लिए कम मात्रा में इस्तेमाल हो सकता है।

हालांकि, केवल चीनी की जगह सैकरीन या किसी अन्य गैर-चीनी मिठास का इस्तेमाल वजन घटाने का निश्चित उपाय नहीं माना जाना चाहिए। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वजन नियंत्रण के लिए लंबे समय तक गैर-चीनी मिठास के नियमित इस्तेमाल पर सावधानी बरतने की सलाह दी है। संतुलित आहार और कुल मीठे पदार्थों की मात्रा पर ध्यान देना अधिक महत्वपूर्ण है।


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