सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : होर्मुज द्वीप अपनी अनोखी प्राकृतिक संरचना और रंग-बिरंगी मिट्टी के लिए दुनिया भर में मशहूर है। यहां पाई जाने वाली “रेड सॉइल” यानी लाल मिट्टी न सिर्फ देखने में आकर्षक होती है, बल्कि इसकी खासियत इसे बेहद अनोखा बनाती है।
इस मिट्टी का लाल रंग इसमें मौजूद आयरन ऑक्साइड के कारण होता है, जो इसे चमकीला और विशिष्ट बनाता है। स्थानीय लोग इस मिट्टी को “गेलाक” के नाम से जानते हैं और इसका उपयोग पारंपरिक भोजन में भी किया जाता है। कुछ लोग इसे रोटी या सॉस के साथ मिलाकर खाते हैं, जो सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन वहां की संस्कृति का हिस्सा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस मिट्टी में खनिज तत्व होते हैं, जो सीमित मात्रा में खाने योग्य माने जाते हैं। हालांकि, अधिक मात्रा में सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी हो सकता है, इसलिए इसे सावधानी के साथ उपयोग करने की सलाह दी जाती है।
होर्मुज द्वीप की यह लाल मिट्टी न केवल स्थानीय खानपान में उपयोगी है, बल्कि यह पर्यटन का भी प्रमुख आकर्षण बन चुकी है। दुनिया भर से पर्यटक इस अनोखी प्राकृतिक धरोहर को देखने आते हैं।
कुल मिलाकर, होर्मुज की “रेड सॉइल” प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक परंपरा और वैज्ञानिक जिज्ञासा का अनूठा संगम है, जो इसे दुनिया के सबसे खास स्थानों में शामिल करता है।