सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल :  होली रंगों और उमंग का त्योहार है, लेकिन बाजार में मिलने वाले कई रंगों में रसायन मिले होते हैं, जो त्वचा और आंखों के लिए हानिकारक हो सकते हैं। ऐसे में इस होली आप घर पर ही प्राकृतिक और सुरक्षित रंग-गुलाल बनाकर त्योहार को और भी खास बना सकते हैंगुलाल बनाने के लिए कॉर्नफ्लोर या बेसन का उपयोग आधार के रूप में करें। इसमें प्राकृतिक रंग मिलाकर सुरक्षित गुलाल तैयार किया जा सकता है।

गुलाबी रंग: चुकंदर को कद्दूकस कर सुखा लें और उसका पाउडर बना लें। इसे कॉर्नफ्लोर में मिलाकर सुंदर गुलाबी गुलाल तैयार करें।

पीला रंग: हल्दी में बेसन मिलाकर हल्का पीला गुलाल बनाएं। यदि रंग को हल्का करना हो तो इसमें चावल का आटा मिला सकते हैं।

हरा रंग: सूखी मेहंदी पाउडर (बिना केमिकल वाली) या पालक की सूखी पत्तियों का पाउडर मिलाकर हरा रंग तैयार करें।

नारंगी रंग: पलाश (टेसू) के फूलों को सुखाकर पीस लें या पानी में भिगोकर प्राकृतिक रंग तैयार करें।टेसू के फूल रातभर पानी में भिगो दें। सुबह यह पानी हल्का नारंगी रंग का हो जाएगा। इसी तरह चुकंदर उबालकर गुलाबी पानी तैयार किया जा सकता है।

घर पर बने रंग न केवल त्वचा के लिए सुरक्षित होते हैं, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी होते हैं। बच्चों और बुजुर्गों के लिए ये रंग विशेष रूप से बेहतर विकल्प हैं। साथ ही, इन्हें बनाना आसान और किफायती भी है।

इस होली रासायनिक रंगों से दूरी बनाकर प्राकृतिक रंगों को अपनाएं। इससे त्योहार की खुशी दोगुनी होगी और सेहत भी सुरक्षित रहेगी। परिवार के साथ मिलकर रंग तैयार करने का आनंद भी इस पर्व को यादगार बना देगा।

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