सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : हार्वर्ड वैज्ञानिकों ने लैब में सात साल तक विकसित किए दिमाग के सेल्स
अमेरिका की हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने मानव मस्तिष्क की कोशिकाओं से तैयार किए गए छोटे मस्तिष्क ऑर्गेनॉइड को प्रयोगशाला में कई वर्षों तक जीवित रखने में सफलता हासिल की है। शोधकर्ताओं के अनुसार, ये कोशिका समूह लंबे समय तक जीवित रहने के साथ विकसित और परिपक्व भी होते रहे। यह अध्ययन मानव मस्तिष्क के विकास को समझने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ये ऑर्गेनॉइड मानव स्टेम कोशिकाओं से तैयार किए गए थे और इनमें मस्तिष्क की बाहरी परत यानी सेरेब्रल कॉर्टेक्स की दस लाख से अधिक कोशिकाएं हो सकती हैं। वैज्ञानिकों ने इनके विकास को कई वर्षों तक अलग-अलग चरणों में देखा। शोध में पाया गया कि कोशिकाओं में मस्तिष्क के प्राकृतिक विकास से जुड़े कई आणविक और जैविक बदलाव दिखाई दिए।
शोधकर्ताओं ने पाया कि इन कोशिकाओं में विकास के पहले के चरणों की एक तरह की आणविक स्मृति बनी रही। पुराने ऑर्गेनॉइड की कोशिकाओं को अलग वातावरण में रखने पर उन्होंने विकास के कुछ बाद के चरणों की ओर तेजी से बढ़ना शुरू किया। वैज्ञानिकों के मुताबिक इसका संबंध कोशिकाओं में दर्ज विकासात्मक जानकारी से हो सकता है।
इस उपलब्धि से वैज्ञानिकों को मस्तिष्क के विकास और तंत्रिका तंत्र से जुड़ी बीमारियों को समझने के लिए लंबे समय तक प्रयोग करने का अवसर मिल सकता है। शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि ऐसे मॉडल भविष्य में ऑटिज्म, अल्जाइमर और अन्य तंत्रिका संबंधी विकारों के विकास की प्रक्रिया को समझने तथा संभावित उपचारों के अध्ययन में उपयोगी साबित हो सकते हैं। हालांकि, ये ऑर्गेनॉइड वास्तविक मानव मस्तिष्क के समान पूर्ण अंग नहीं हैं और इनमें चेतना या उच्च स्तर के मस्तिष्क कार्य नहीं होते।
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