सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : सरकारी नौकरी का आकर्षण घटा, जॉब सीकर से जॉब क्रिएटर बन रहे युवा
नई दिल्ली। भारत के युवाओं की करियर संबंधी प्राथमिकताओं में बदलाव दिखाई दे रहा है। अब कई विद्यार्थी पारंपरिक सरकारी या कॉर्पोरेट नौकरी पाने के साथ-साथ अपना व्यवसाय शुरू करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी की अगुवाई में तैयार GUESSS India 2025 National Survey Report के अनुसार, देश के 22 प्रतिशत कॉलेज विद्यार्थी अपना कारोबार शुरू कर चुके हैं, जबकि 43 प्रतिशत विद्यार्थी भविष्य में उद्यमी बनना चाहते हैं।
सरकारी नौकरी की चाहत में आई कमी
रिपोर्ट के अनुसार, पढ़ाई पूरी करने के तुरंत बाद सरकारी नौकरी पाने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों का अनुपात 2023 में 12.7 प्रतिशत था, जो 2025 में घटकर 10.1 प्रतिशत रह गया। इसी अवधि में बड़ी कंपनियों में नौकरी करने की प्राथमिकता 31.3 प्रतिशत से घटकर 27.4 प्रतिशत हो गई। इसके विपरीत, स्नातक होने के तुरंत बाद अपना कारोबार चलाने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों का अनुपात 14 प्रतिशत से बढ़कर 16.2 प्रतिशत हो गया। ये आंकड़े विद्यार्थियों की करियर प्राथमिकताओं में बदलाव दर्शाते हैं। हालांकि, इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि सरकारी नौकरियों का आकर्षण पूरी तरह समाप्त हो रहा है।25 हजार से अधिक विद्यार्थियों पर सर्वे यह अध्ययन सितंबर से दिसंबर 2025 के बीच किया गया। इसमें 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 1,200 से अधिक उच्च शिक्षण संस्थानों के 25,783 विद्यार्थियों को शामिल किया गया। रिपोर्ट आईआईटी मंडी और बेंगलुरु की रेवा यूनिवर्सिटी के सहयोग से तैयार की गई।
सर्वे में कारोबार शुरू कर चुके विद्यार्थियों में से 35.5 प्रतिशत ने नियमित बिक्री होने की जानकारी दी। यह आंकड़ा वैश्विक औसत 33 प्रतिशत से अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार, सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल सेवाएं विद्यार्थियों के लिए कारोबार के प्रमुख आकर्षण वाले क्षेत्र हैं। हालांकि, वर्तमान में चल रहे छात्र व्यवसायों में लगभग 10 प्रतिशत ही डिजिटल क्षेत्र से जुड़े हैं। कारोबार शुरू करने में मार्गदर्शन की अहम भूमिका रिपोर्ट में सामने आया कि जिन विद्यार्थियों के परिवार, मित्रों, सहपाठियों या शिक्षकों के संपर्क में उद्यमी हैं, उनके अपना कारोबार शुरू करने की संभावना तीन गुना अधिक है। वहीं, कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया में जुटे विद्यार्थियों में से केवल 10 प्रतिशत ने पहली बिक्री हासिल की है।
विशेषज्ञों के अनुसार, विद्यार्थियों की उद्यमिता संबंधी सोच को सफल व्यवसाय में बदलने के लिए विश्वविद्यालयों में इनक्यूबेशन केंद्र, अनुभवी उद्यमियों का मार्गदर्शन, व्यावहारिक प्रशिक्षण और बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराना जरूरी है। रिपोर्ट का संकेत है कि युवा केवल नौकरी तलाशने तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि अपने विचारों को व्यवसाय में बदलकर रोजगार के अवसर पैदा करने की क्षमता भी विकसित कर रहे हैं। इस बदलाव को मजबूत बनाने के लिए कारोबार की शुरुआत से लेकर नियमित बिक्री और व्यवसाय के विस्तार तक सहयोग देना महत्वपूर्ण होगा।
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