सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : नई दिल्ली। ऑनलाइन ठगी और फर्जी फोन कॉल के बढ़ते मामलों के बीच गूगल अपने सुरक्षा फीचर्स को मजबूत करने पर काम कर रहा है। कंपनी के फोन और मैसेजिंग सुरक्षा तंत्र का उद्देश्य संदिग्ध कॉल, फर्जी संदेशों और संभावित धोखाधड़ी की पहचान कर उपयोगकर्ताओं को समय रहते सावधान करना है। इन सुविधाओं की मदद से ठगों के जाल में फंसने से पहले ही लोगों को सतर्क रहने का मौका मिल सकता है।

संदिग्ध कॉल की पहचान में मदद गूगल के फोन ऐप में उपलब्ध स्पैम पहचान सुविधा संदिग्ध नंबरों से आने वाली कॉल को पहचानकर उपयोगकर्ता को चेतावनी दे सकती है। कुछ समर्थित उपकरणों और क्षेत्रों में यह सुविधा संभावित स्पैम कॉल को स्वतः फिल्टर करने या ब्लॉक करने का विकल्प भी देती है। हालांकि, हर संदिग्ध कॉल अपने आप कट जाएगी, ऐसा जरूरी नहीं है। उपलब्ध सुविधाएं फोन के मॉडल, ऐप के संस्करण, क्षेत्र और उपयोगकर्ता की सेटिंग पर निर्भर करती हैं।

एआई से धोखाधड़ी पहचानने की कोशिश गूगल कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित तकनीक का इस्तेमाल करके संभावित स्कैम की पहचान करने वाली सुविधाओं को भी विकसित कर रहा है। कुछ समर्थित एंड्रॉयड फोन में बातचीत के दौरान धोखाधड़ी से जुड़े संकेतों की पहचान करने और उपयोगकर्ता को चेतावनी देने की क्षमता उपलब्ध है। इसका उद्देश्य ऐसे मामलों में सतर्क करना है, जहां कोई व्यक्ति बैंक अधिकारी, सरकारी कर्मचारी या किसी विश्वसनीय संस्था का प्रतिनिधि बनकर निजी जानकारी हासिल करने की कोशिश करता है।

हालांकि, इन सुविधाओं की उपलब्धता सभी फोन और भाषाओं में समान नहीं है। इसलिए उपयोगकर्ताओं को अपने डिवाइस और ऐप में उपलब्ध सुरक्षा विकल्पों की जानकारी लेनी चाहिए। फोन में ऐसे सक्रिय करें स्पैम सुरक्षा एंड्रॉयड फोन पर गूगल फोन ऐप खोलें और सेटिंग्स में जाकर ‘कॉलर आईडी और स्पैम’ विकल्प देखें। यहां स्पैम कॉल की पहचान और फिल्टर करने से जुड़े विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं। गूगल मैसेजेस ऐप में स्पैम सुरक्षा की सेटिंग भी जांची जा सकती है। ऐप को अपडेट रखने से नई सुरक्षा सुविधाओं का लाभ मिलने की संभावना बढ़ती है।

सावधानी अब भी जरूरी तकनीकी सुरक्षा के बावजूद किसी भी चेतावनी प्रणाली से हर धोखाधड़ी का पता लगने की गारंटी नहीं होती। उपयोगकर्ताओं को अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंकिंग पासवर्ड, यूपीआई पिन या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। किसी कॉल पर तुरंत पैसे भेजने या स्क्रीन साझा करने के लिए कहा जाए, तो पहले संबंधित संस्था के आधिकारिक माध्यम से जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए। गूगल के सुरक्षा फीचर्स स्पैम और ऑनलाइन ठगी के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं, लेकिन सतर्कता और सही डिजिटल आदतें भी उतनी ही जरूरी हैं।


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