सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : एआई को चकमा देता है ‘घोस्ट फॉन्ट’, इंसान पढ़ लेता है संदेश

नई दिल्ली। कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बढ़ती क्षमताओं के बीच एक नया ‘घोस्ट फॉन्ट’ चर्चा में है, जो इंसानों के लिए पढ़ने योग्य संदेश को मशीनों के लिए मुश्किल बना देता है। यह पारंपरिक अक्षरों के बजाय गतिशील बिंदुओं और गति के पैटर्न का इस्तेमाल करता है।

घोस्ट फॉन्ट में अक्षर सैकड़ों चलते हुए बिंदुओं के बीच छिपे होते हैं। किसी एक स्थिर तस्वीर को देखने पर संदेश लगभग दिखाई नहीं देता, लेकिन पूरी गति को देखने पर इंसानी आंख और मस्तिष्क बिंदुओं के सामूहिक आंदोलन को जोड़कर अक्षरों को पहचान लेते हैं। यही वजह है कि सामान्य चित्र-आधारित एआई प्रणालियों के लिए इसे समझना कठिन हो सकता है।

इस तकनीक का इस्तेमाल ऐसे संदेशों को साझा करने के प्रयोग में किया जा रहा है, जिन्हें स्वचालित एआई प्रणाली आसानी से पढ़ न सके। इसे संभावित रूप से स्वचालित बॉट और पहचान-परीक्षण प्रणालियों के खिलाफ भी आजमाया जा सकता है। हालांकि, इसे पूरी तरह सुरक्षित या मशीनों से अपठनीय तकनीक नहीं माना जा सकता।

दरअसल, जुलाई 2026 में एक सुरक्षा शोधकर्ता ने दिखाया कि घोस्ट फॉन्ट को पढ़ने के लिए किसी अत्याधुनिक एआई मॉडल की जरूरत भी नहीं है। पारंपरिक ऑप्टिकल फ्लो और गणितीय प्रक्रिया के जरिए वीडियो में छिपे अक्षरों को दोबारा निकाला जा सकता है। इससे संकेत मिलता है कि तकनीक फिलहाल एआई को भ्रमित कर सकती है, लेकिन मशीनों के लिए स्थायी बाधा नहीं है।


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