पूर्व क्रिकेटर और सांसद गौतम गंभीर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के गलत इस्तेमाल के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने डीपफेक और फर्जी वीडियो के प्रसार पर रोक लगाने की मांग करते हुए 2.5 करोड़ रुपये का मुकदमा दायर किया है।

गंभीर का कहना है कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उनके नाम और चेहरे का इस्तेमाल कर भ्रामक और आपत्तिजनक वीडियो बनाए जा रहे हैं, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने अदालत से ऐसे कंटेंट पर तत्काल प्रतिबंध लगाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

यह मामला AI तकनीक के बढ़ते उपयोग और उसके दुरुपयोग को लेकर एक बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि डीपफेक तकनीक के जरिए किसी भी व्यक्ति की छवि को आसानी से बदला जा सकता है, जो समाज और लोकतंत्र के लिए खतरा बन सकता है।

अदालत में दायर याचिका में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही तय करने और फर्जी कंटेंट को हटाने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश बनाने की भी मांग की गई है।

कुल मिलाकर, गौतम गंभीर का यह कदम AI के गलत इस्तेमाल के खिलाफ एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जो भविष्य में डिजिटल सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत करने में मदद कर सकता है।

#गौतमगंभीर #AI #डीपफेक #दिल्लीहाईकोर्ट #टेकनोलॉजी #LegalNews