सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : बार-बार पेशाब आने की समस्या को कई लोग डायबिटीज या प्रोस्टेट कैंसर से जोड़कर देखने लगते हैं। हालांकि, केवल बार-बार यूरिन आने से यह तय नहीं किया जा सकता कि समस्या किस बीमारी के कारण है। विशेषज्ञों के मुताबिक इसके पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं।
सफदरजंग अस्पताल और वीएमएमसी के यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रोफेसर डॉ. अनूप कुमार के अनुसार, डायबिटीज में ब्लड शुगर बढ़ने पर शरीर अतिरिक्त ग्लूकोज को पेशाब के जरिए बाहर निकालने की कोशिश करता है। इससे बार-बार और अधिक मात्रा में पेशाब आने की समस्या हो सकती है। इसके साथ ज्यादा प्यास लगना, थकान और बिना कोशिश वजन कम होना भी डायबिटीज के संकेत हो सकते हैं। दूसरी ओर, पुरुषों में उम्र बढ़ने के साथ प्रोस्टेट का आकार बढ़ना आम समस्या है। बढ़ा हुआ प्रोस्टेट पेशाब की नली पर दबाव डाल सकता है, जिससे पेशाब शुरू करने में परेशानी, कमजोर या रुक-रुककर धार, मूत्राशय पूरी तरह खाली न होने का एहसास और रात में बार-बार पेशाब आने जैसी दिक्कत हो सकती है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि ये लक्षण सीधे प्रोस्टेट कैंसर का प्रमाण नहीं हैं। प्रोस्टेट कैंसर और सामान्य प्रोस्टेट बढ़ने के लक्षण कई बार एक जैसे हो सकते हैं और शुरुआती प्रोस्टेट कैंसर में अक्सर कोई लक्षण भी नहीं होता। कारण जानने के लिए डॉक्टर जरूरत के अनुसार ब्लड शुगर, यूरिन टेस्ट, पीएसए रक्त जांच, प्रोस्टेट जांच या अल्ट्रासाउंड जैसी जांच करा सकते हैं। पेशाब में खून, पेशाब रुक जाना या लगातार बढ़ती समस्या होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
Hashtags: #Health #Bhopal #समस #एनएन #टवर #आईट #लगत #सकत #इसक #बरबर