सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पूर्व क्रिकेटर विनोद कांबली की हालत में सुधार हुआ है। शनिवार देर रात उनकी तबीयत बिगड़ने पर कांबली को ठाणे के अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

मेडिकल रिपोर्ट से पता चला की 52 साल के कांबली को ब्रेन क्लॉटिंग हुई है। उनका इलाज कर रहे डॉ. विवेक त्रिवेदी ने कहा, कांबली ने शुरू में यूरिन इन्फेक्शन और ऐंठन की शिकायत की थी। वहीं, कांबली के दोस्त मार्कस काउटो ने कहा- ‘कांबली अब ठीक हैं। मैं आज अस्पताल में उनसे मिला था।’

कांबली कुछ सालों से हार्ट संबंधी समस्याओं के अलावा डिप्रेशन से जूझ रहे हैं। उनको साल 2013 में दिल का दौरा भी पड़ चुका है। उन्होंने एक यूट्यूब चैनल को दिए गए इंटरव्यू में बताया था कि सचिन तेंदुलकर ने उनकी हार्ट सर्जरी कराई थी।

हाल ही में कोच रमाकांत आचरेकर कार्यक्रम में विनोद कांबली नजर आए थे। इस दौरान उनका सचिन तेंदुलकर के साथ वीडियो भी वायरल हुआ था।

कांबली की हालत अभी स्थिर बताई जा रही है।

कांबली के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जा रही डॉक्टर ने कहा कि कांबली के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जा रही है और टीम मंगलवार को अतिरिक्त मेडिकल जांच करेगी। त्रिवेदी ने यह भी कहा कि अस्पताल प्रभारी एस सिंह ने फैसला किया है कि कांबली को चिकित्सा सुविधा में जीवन भर मुफ्त इलाज प्रदान किया जाएगा।

कांबली को आकृति हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

एंकर ने सचिन का हाथ छुड़वाया था कांबली 4 दिसंबर को कोच आचरेकर समारोह में नजर आए थे। इसमें वे सचिन का हाथ कस कर थाम लेते हैं। फिर एंकर आता है और कांबली को हाथ छोड़ने को लेकर समझाता है। आखिर में सचिन उनसे दूर चले जाते हैं। यहां कांबली के चेहरे पर निराशा नजर आती है।

कोच आचरेकर समारोह मुंबई में हुआ था। कांबली से मिलते हुए सचिन तेंदुलकर।
कांबली का 4 महीने पहले एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वे चल नहीं पा रहे थे।

कांबली का करियर: 17 टेस्ट मैचों में 1084 रन बनाए

  • कांबली ने 1991 में वनडे डेब्यू और 1993 में टेस्ट में डेब्यू किया था। वे 14 पारियों में सबसे तेज 1000 टेस्ट रन बनाने वाले बल्लेबाज थे।
  • भारतीय टीम के लिए 17 टेस्ट मैचों में कुल 1084 रन बनाए। इनमें 4 शतक और 3 अर्धशतक शामिल हैं।
  • 104 वनडे मैचों में कुल 2477 रन बनाए, जिनमें 2 शतक और 14 अर्धशतक शामिल हैं। 2000 के दशक में उनका प्रदर्शन बहुत ही खराब रहा और इसी वजह से वह टीम इंडिया से बाहर हो गए। उन्होंने टीम इंडिया के लिए अपना आखिरी वनडे मैच साल 2000 में श्रीलंका के खिलाफ खेला।

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