सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : फ्लाईदुबई विमान में को-पायलट अकेला नहीं था, स्मित मच्छार पर हमले की जांच तेज

फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हुए हमले की जांच का दायरा बढ़ गया है। 30 सितंबर 2026 को हुई इस घटना में ओमान के को-पायलट पर कैप्टन मच्छार पर हमला करने और विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश करने का आरोप है। अब जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या आरोपी के साथ अन्य लोग जुड़े हुए थे। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में फ्लाईदुबई के दो मालदीव के पायलटों को संभावित संबंधों की जांच के लिए हिरासत में लिया गया है। विमान में मौजूद थे दो अन्य पायलट रिपोर्टों के अनुसार, घटना के समय विमान में दो अन्य फ्लाईदुबई पायलट भी यात्री के रूप में मौजूद थे। विमानन क्षेत्र में इसे ‘डेडहेडिंग’ कहा जाता है, जिसमें चालक दल के सदस्य अगली ड्यूटी के लिए किसी विमान से यात्रा करते हैं। जब को-पायलट ने कैप्टन मच्छार पर हमला किया, तब इन पायलटों ने विमान को संभालने में मदद की और आपातकालीन लैंडिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

जांचकर्ताओं का ध्यान अब आरोपी के कार्यस्थल से जुड़े संपर्कों और संभावित सहयोगियों पर भी है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, दो मालदीव के पायलटों को 3 अक्टूबर को हिरासत में लिया गया था। बताया गया है कि वे आरोपी को-पायलट के संपर्क में थे और एक ही इमारत में रहते थे। हालांकि, केवल संपर्क या साथ रहने के आधार पर किसी की संलिप्तता साबित नहीं होती। जांच जारी है। कैप्टन मच्छार ने घायल होने के बावजूद बचाई जानें 30 सितंबर को उड़ान FZ1073 सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र में थी, तभी को-पायलट ने कथित तौर पर कॉकपिट में रखे आपातकालीन कुल्हाड़े से कैप्टन मच्छार पर हमला कर दिया। हमले के दौरान विमान तेजी से नीचे गिरने लगा। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिससे यात्रियों और अन्य पायलटों को हस्तक्षेप करने का मौका मिला।

इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक में आपातकालीन रूप से उतारा गया। विमान में 174 लोग सवार थे। घटना में कैप्टन मच्छार गंभीर रूप से घायल हुए, लेकिन यात्रियों और चालक दल की मदद से बड़ी दुर्घटना टल गई। UAE में आतंकी साजिश के पहलू से जांच UAE के अटॉर्नी जनरल के अनुसार, आरोपी का कथित उद्देश्य विमान को इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर दुर्घटनाग्रस्त करना था। जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी की विचारधारा, तैयारी और संभावित संपर्कों का इस घटना से क्या संबंध था। फिलहाल, अन्य लोगों की भूमिका को लेकर जांच पूरी नहीं हुई है और हिरासत में लिए गए पायलटों के खिलाफ आरोप साबित नहीं हुए हैं। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि हमला केवल एक व्यक्ति की कार्रवाई थी या इसके पीछे कोई व्यापक साजिश थी।


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