सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पेट फूलना, गैस और तनाव कई बार एक-दूसरे से जुड़े हो सकते हैं। तनाव पाचन तंत्र की गतिविधियों और पेट की संवेदनशीलता को प्रभावित कर सकता है, जिससे कुछ लोगों में ब्लोटिंग और पेट की परेशानी बढ़ सकती है। योग, सांस से जुड़े अभ्यास और नियमित शारीरिक गतिविधि तनाव कम करने और कुछ पाचन संबंधी लक्षणों में राहत देने में मदद कर सकते हैं।

1. पवनमुक्तासन: घुटनों को छाती की ओर लाकर कुछ समय रुकें। यह हल्का स्ट्रेचिंग अभ्यास पेट के आसपास आराम देने में मदद कर सकता है।

2. वज्रासन: भोजन के बाद कुछ देर आराम से बैठकर धीमी सांस लें। इसे आराम और माइंडफुलनेस अभ्यास के तौर पर किया जा सकता है।

3. भुजंगासन: पेट के बल लेटकर ऊपरी शरीर को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं। दर्द होने पर इसे रोक दें।

4. बालासन: घुटनों के बल बैठकर शरीर को आगे की ओर झुकाएं और सांस सामान्य रखें। यह शरीर को रिलैक्स करने में मदद कर सकता है।

5. सुप्त बद्ध कोणासन: पीठ के बल लेटकर पैरों के तलवों को मिलाएं और गहरी, धीमी सांस लें। यह विश्राम के लिए उपयोगी हो सकता है।

हालांकि, योग हर व्यक्ति में ब्लोटिंग का इलाज नहीं करता और इसके प्रभाव पर शोध के परिणाम मिश्रित हैं। अगर पेट फूलने के साथ लगातार तेज दर्द, उल्टी, वजन कम होना, बुखार या मल में खून दिखाई दे, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।


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