सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : नई दिल्ली। आमतौर पर माना जाता है कि 30–40 की उम्र में स्वस्थ और फिट महिलाओं को हार्ट अटैक का खतरा कम होता है। लेकिन स्पॉन्टेनियस कोरोनरी आर्टरी डिसेक्शन यानी एससीएडी ऐसी स्थिति है, जिसमें बिना पारंपरिक जोखिम कारकों के भी हार्ट अटैक हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसमें हृदय की धमनी की दीवार में अचानक दरार या परतों के बीच रक्त जमा होने से धमनी संकरी हो सकती है और रक्त प्रवाह बाधित हो सकता है।
एससीएडी के ज्यादातर मामले महिलाओं में देखे जाते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक युवा महिलाओं में यह हार्ट अटैक का एक महत्वपूर्ण कारण हो सकता है। उच्च कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह या धूम्रपान जैसे सामान्य जोखिम कारक नहीं होने पर भी यह स्थिति हो सकती है।
विशेषज्ञों ने इसके साथ गर्भावस्था, हार्मोनल बदलाव, अत्यधिक शारीरिक मेहनत, भारी वजन उठाने और गंभीर भावनात्मक तनाव जैसे संभावित संबंधों का उल्लेख किया है। फाइब्रोमस्क्युलर डिस्प्लेसिया जैसी रक्तवाहिका संबंधी स्थिति भी एससीएडी से जुड़ी पाई गई है। हालांकि, हर मामले में एक निश्चित कारण स्पष्ट नहीं होता।
हार्ट अटैक के संकेतों में सीने में दबाव या दर्द के अलावा सांस फूलना, असामान्य थकान, कमजोरी, पीठ या हाथ में दर्द और मतली जैसे लक्षण भी हो सकते हैं। महिलाओं में ये लक्षण कभी-कभी बिना स्पष्ट सीने के दर्द के भी दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण अचानक हों तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।
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