सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : ब्लड टेस्ट कराने से पहले 8 से 12 घंटे तक भूखा रहने की सलाह लंबे समय से दी जाती रही है, लेकिन नई रिसर्च ने इस सामान्य नियम पर सवाल उठाए हैं। JAMA Internal Medicine में प्रकाशित अध्ययन में करीब 9.7 मिलियन टेस्ट रिजल्ट और लगभग 1.01 लाख लोगों के डेटा का विश्लेषण किया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि ज्यादातर सामान्य ब्लड टेस्ट पर थोड़े समय की फास्टिंग का बहुत कम असर पड़ता है। रिसर्च के मुताबिक, ग्लूकोज, ट्राइग्लिसराइड्स, GGT और कुछ पैंक्रियाटिक एंजाइम, खासकर लाइपेस, उन जांचों में शामिल हैं जिन पर फास्टिंग का असर अपेक्षाकृत अधिक पड़ सकता है। इसलिए इन टेस्ट के लिए डॉक्टर फास्टिंग की सलाह दे सकते हैं। फास्टिंग ब्लड ग्लूकोज और ओरल ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट में भी आमतौर पर खाली पेट रहना जरूरी होता है।

वहीं, CBC, इलेक्ट्रोलाइट्स, थायरॉइड टेस्ट और HbA1c जैसी कई सामान्य जांचों में आमतौर पर फास्टिंग जरूरी नहीं होती। किडनी और लिवर फंक्शन की कई जांचों पर भी फास्टिंग का प्रभाव सीमित पाया गया है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि डॉक्टर की सलाह के बिना फास्टिंग बंद कर दें। अलग-अलग टेस्ट और मरीज की स्थिति के अनुसार तैयारी बदल सकती है। यदि फास्टिंग की जरूरत बताई गई है, तो आमतौर पर 8 से 12 घंटे तक केवल पानी लेने की सलाह दी जाती है।


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