सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : आंखों में जलन और खुजली हो तो पानी डालें या आई ड्रॉप? डॉक्टर ने बताया सही तरीका

नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर सहित कई क्षेत्रों में बढ़ते प्रदूषण और मौसम में बदलाव के कारण आंखों में जलन, खुजली और सूखापन जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठता है कि आंखों को बार-बार पानी से धोना चाहिए या आई ड्रॉप का इस्तेमाल करना चाहिए। विशेषज्ञों के मुताबिक, इसका सही जवाब परेशानी के कारण पर निर्भर करता है। बार-बार पानी डालना जरूरी नहीं आई केयर, मेट्रो हॉस्पिटल्स की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. प्रार्थना आनंद के अनुसार, आंखों में सूखेपन के कारण जलन होने पर डॉक्टर की सलाह से लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप यानी आर्टिफिशियल टियर्स का इस्तेमाल किया जा सकता है। ये बूंदें आंखों में नमी बनाए रखने में मदद करती हैं।

आंखों की सतह पर आंसुओं की एक प्राकृतिक परत होती है, जो उन्हें नम रखने और बाहरी कणों से बचाने में मदद करती है। बार-बार आंखों पर पानी के छींटे मारना हर स्थिति में जरूरी नहीं है। हालांकि, आंख में धूल या कोई बाहरी कण चला जाए तो साफ पानी से हल्के तरीके से आंख धोई जा सकती है। बिना डॉक्टर की सलाह के न डालें कोई भी ड्रॉप हर तरह की जलन के लिए एक ही आई ड्रॉप प्रभावी नहीं होती। एलर्जी, संक्रमण और ड्राई आई की समस्या में अलग-अलग उपचार की जरूरत पड़ सकती है। बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक या स्टेरॉयड वाली आई ड्रॉप का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। आंखों का लालपन कम करने वाली कुछ ड्रॉप का बार-बार इस्तेमाल भी नुकसान पहुंचा सकता है। इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज अगर आंखों में तेज दर्द, बहुत अधिक लालिमा, धुंधला दिखाई देना, रोशनी से परेशानी या चिपचिपा स्राव हो, तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें। रसायन आंख में चले जाने पर तत्काल लगातार साफ पानी से आंख धोना शुरू करें और आपात चिकित्सा सहायता लें।

आंखों को स्वस्थ रखने के उपाय:

आंखों को बार-बार रगड़ने से बचें।

धूल और प्रदूषण से बचाव के लिए बाहर निकलते समय चश्मा पहनें।

लंबे समय तक स्क्रीन देखने के दौरान नियमित अंतराल पर ब्रेक लें।

आई ड्रॉप की बोतल का सिरा आंख या पलकों से न छुआएं।

परेशानी बनी रहने या बढ़ने पर स्वयं उपचार करने के बजाय डॉक्टर से जांच कराएं।

निष्कर्ष: हल्की जलन या सूखेपन में डॉक्टर की सलाह से लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप मदद कर सकती है, जबकि धूल या रसायन आंख में जाने पर पानी से धोना जरूरी हो सकता है। सही उपचार के लिए परेशानी का कारण पहचानना सबसे महत्वपूर्ण है।


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