सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के दौरान मतदाता सूची में नाम शामिल होने से रह गए पात्र लोगों और पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के लिए चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने एसआईआर की प्रक्रिया पूरी कर चुके 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष अभियान चलाकर ऐसे मतदाताओं के नाम जोड़ने के निर्देश दिए हैं।

आयोग के निर्देश के मुताबिक, जिन लोगों के नाम एसआईआर के दौरान या उसके बाद मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, वे लगातार अद्यतन प्रक्रिया के तहत संबंधित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी के पास आवेदन कर सकेंगे। नए पात्र मतदाताओं के लिए भी सामान्य प्रपत्र-6 के माध्यम से नाम दर्ज कराने की व्यवस्था रहेगी। एसआईआर पूरा हो चुके राज्यों में प्रपत्र-6 से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा को भी हटा दिया गया है।

चुनाव आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों को विशेष अभियान तत्काल शुरू करने को कहा है। अधिकारियों को एसआईआर से पहले और बाद की मतदाता सूचियों की तुलना कर उन पात्र लोगों की पहचान करने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिनका नाम किसी दूसरी जगह दर्ज नहीं है और जो मृतक या दोहरे मतदाता नहीं हैं। ऐसे लोगों से संपर्क कर उन्हें प्रपत्र-6 भरने में सहायता दी जाएगी।

महाराष्ट्र में एसआईआर के दौरान करीब 2.07 करोड़ नामों की कमी को लेकर भी चर्चा हुई है। हालांकि, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यह आंकड़ा ड्राफ्ट मतदाता सूची में कमी से जुड़ा है और इसे स्थायी रूप से हटाए गए नामों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। आयोग ने महाराष्ट्र में दावों और आपत्तियों की समय-सीमा भी 12 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाई है, जबकि नोटिस और दावों के निपटारे की अवधि 10 नवंबर तक निर्धारित की गई है।


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