सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल। शिक्षा मंत्रालय ने सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज 2026 के लिए पंजीकरण शुरू कर दिए हैं। इसमें छात्रों, शिक्षकों, नवप्रवर्तकों और संस्थानों को जनसेवा और सामाजिक प्रभाव के लिए तकनीक आधारित समाधान विकसित करने का आमंत्रण दिया गया है। इस चैलेंज में कुल ₹5.4 करोड़ की पुरस्कार राशि रखी गई है।
प्रविष्टियां जमा करने की अंतिम तारीख 24 अक्टूबर 2026 तय की गई है। प्रतिभागियों से ऐसे व्यावहारिक और विस्तार योग्य विचार अपेक्षित हैं, जो सार्वजनिक सेवाओं, शिक्षा, सामुदायिक विकास और राष्ट्रीय महत्व के अन्य क्षेत्रों से जुड़ी चुनौतियों का समाधान दे सकें।
इस पहल का उद्देश्य युवा नवप्रवर्तकों और शैक्षणिक संस्थानों को उभरती तकनीकों तथा रचनात्मक समस्या-समाधान के जरिए ऐसे समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित करना है, जिनके सामाजिक लाभ मापे जा सकें। इसके साथ ही छात्रों, शिक्षकों, संस्थानों और व्यापक नवाचार तंत्र के बीच सहयोग को मजबूत करने पर भी जोर है।
चैलेंज के जरिए प्रतिभागियों को अपने विचार राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा और वे ₹5.4 करोड़ के पुरस्कार पूल से वित्तीय पुरस्कारों के लिए प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे। चयनित नवाचारों को आगे विकास और व्यापक पहचान के अवसर भी मिल सकते हैं।
शिक्षा मंत्रालय की यह पहल शिक्षा और जनसेवा में नवाचार, उद्यमिता और तकनीक-सक्षम समाधानों पर बढ़ते जोर के बीच शुरू की गई है। इच्छुक प्रतिभागियों को 24 अक्टूबर की समयसीमा से पहले पंजीकरण पूरा करना होगा और आवेदन से पहले आधिकारिक पात्रता मानदंड, चैलेंज थीम तथा जमा करने की आवश्यकताओं को ध्यान से देखना चाहिए।
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