सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल। पुडुचेरी के नेफ्रोलॉजिस्ट और ईस्ट कोस्ट हॉस्पिटल्स के संस्थापक-अध्यक्ष डॉ. एन. मुरुगेसन ने “ब्लू नेफ्रोलॉजी” पेश की है। यह रोकथाम पर केंद्रित तरीका है, जिसका उद्देश्य गंभीर किडनी रोग बनने से पहले मेटाबॉलिक और जीवनशैली से जुड़े जोखिमों की पहचान कर उन पर काम करना है।

यह अवधारणा ब्लू इंडिया मूवमेंट का हिस्सा है, जो दुनिया के ब्लू जोन्स से प्रेरणा लेता है और स्वस्थ उम्र बढ़ने तथा रोगों की रोकथाम पर केंद्रित है। ब्लू नेफ्रोलॉजी का जोर स्थापित किडनी रोग के इलाज से आगे बढ़कर इंसुलिन रेजिस्टेंस, डायबिटीज, हाइपरटेंशन और अत्यधिक सोडियम सेवन जैसे शुरुआती जोखिम कारकों पर ध्यान देने पर है।

रोकथाम पर आधारित इसी दृष्टिकोण के तहत डॉ. मुरुगेसन द्वारा 2025 में पुडुचेरी में स्थापित डॉ. ब्लू इंडिया फाउंडेशन समुदाय स्तर पर पहल कर रहा है। ऐसी ही एक परोपकारी पहल के तहत एक लाख मुफ्त इंसुलिन टेस्ट उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि उन लोगों में मेटाबॉलिक जोखिमों की पहचान हो सके जिनमें अभी स्पष्ट लक्षण नजर नहीं आते।

डॉ. मुरुगेसन चार दशकों से अधिक समय से नेफ्रोलॉजी के क्षेत्र में काम कर रहे हैं और पुडुचेरी में किडनी-केयर सेवाओं के विकास में योगदान दे चुके हैं। इंडियन जर्नल ऑफ नेफ्रोलॉजी के अनुसार, वे 1987 में पुडुचेरी के पहले योग्य नेफ्रोलॉजिस्ट रहे। जर्नल ने 2006 में इंदिरा गांधी गवर्नमेंट जनरल हॉस्पिटल एंड पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट में क्षेत्र के पहले किडनी ट्रांसप्लांटेशन कार्यक्रम की शुरुआत में उनकी भूमिका का भी उल्लेख किया है।

ब्लू नेफ्रोलॉजी किडनी स्वास्थ्य और व्यापक मेटाबॉलिक तथा कार्डियोवैस्कुलर स्वास्थ्य के बीच संबंध पर भी जोर देती है। जोखिमों की पहचान, स्वस्थ जीवनशैली और शुरुआती हस्तक्षेप पर ध्यान देकर यह पहल लोगों को संभावित स्वास्थ्य समस्याओं को उन्नत किडनी रोग में बदलने से पहले संभालने के लिए प्रेरित करना चाहती है।

यह पहल नेफ्रोलॉजी में रोकथाम-प्रथम दृष्टिकोण को सामने रखती है, जिसमें पारंपरिक इलाज और टर्शियरी किडनी केयर के साथ शुरुआती जांच और सामुदायिक जागरूकता पर जोर दिया गया है।


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