सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मौसम बदलने के साथ खांसी, जुकाम और गले में खराश की समस्या आम हो जाती है। ज्यादातर मामलों में खांसी वायरल संक्रमण, एलर्जी या सांस की नली में जलन के कारण होती है और कुछ समय में ठीक हो जाती है। लेकिन अगर खांसी लंबे समय तक बनी रहे या इसके साथ कुछ खास लक्षण दिखाई दें, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

साकेत स्थित मैक्स अस्पताल के पल्मोनोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. विवेक नांगिया के अनुसार, 3 से 4 सप्ताह तक लगातार खांसी रहना जांच की जरूरत का संकेत हो सकता है। ऐसी खांसी अस्थमा, फेफड़ों के संक्रमण या कुछ मामलों में टीबी से जुड़ी हो सकती है। खांसी के साथ बलगम में खून, सांस लेने में परेशानी, सीने में जकड़न या घरघराहट भी चेतावनी के संकेत हैं।

इसके अलावा लगातार बुखार, रात में अधिक पसीना, भूख कम लगना, बिना कारण वजन घटना या अत्यधिक थकान होने पर भी चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। अचानक सांस फूलना, सीने में दर्द, होंठ नीले पड़ना या ऑक्सीजन का स्तर कम होना जैसी स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता जरूरी है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, लंबे समय तक रहने वाली या बदलते स्वरूप वाली खांसी में खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है।


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