सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क– इंटीग्रेटेड ट्रेड- न्यूज़ भोपाल: खालिस्तानी समर्थकों ने भारतीय संसद भवन और लाल किला को बम से उड़ाने की धमकी दी है। यह धमकी केरल से राज्यसभा सांसद वी शिवदासन को फोन कॉल के माध्यम से दी गई है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर सांसद शिवदासन ने राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ को पत्र लिखकर पूरी घटना की जानकारी दी है।

खालिस्तानी जनमत संग्रह की धमकी

सांसद वी शिवदासन ने बताया कि उन्हें 21 जुलाई को रात 11:30 बजे एक फोन कॉल मिला, जिसमें सिख्स फॉर जस्टिस (एसजेएफ) के नाम पर धमकी दी गई। फोन कॉल करने वाले ने कहा कि खालिस्तानी जनमत संग्रह के समर्थन में भारतीय संसद भवन और लाल किले को बम से उड़ाया जाएगा। इस कॉल में सिख्स फॉर जस्टिस के जनरल काउंसिल गुरपतवंत सिंह पन्नू का नाम भी लिया गया।

संसद भवन और लाल किला के लिए गंभीर खतरा

सांसद ने अपने पत्र में लिखा है कि फोन कॉल के समय वह आईजीआई एयरपोर्ट लाउंज में थे और उनके साथ सांसद ए रहीम भी मौजूद थे। कॉल करने वाले ने धमकी दी कि अगर सांसद खालिस्तानी जनमत संग्रह का अनुभव नहीं करना चाहते हैं तो घर पर ही रहें। धमकी देने वाले ने यह भी कहा कि इस धमकी का उद्देश्य भारतीय शासकों की आंखें खोलना है, क्योंकि उनके कारण सिखों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है।

सुरक्षा एजेंसियों को दी गई जानकारी

वी शिवदासन ने अपने पत्र में फोन कॉल का पूरा ब्योरा देते हुए बताया है कि उन्होंने इस मामले की जानकारी नई दिल्ली के डीसीपी को दे दी है और शिकायत दर्ज करा दी है। उन्होंने राज्यसभा सभापति से मामले का संज्ञान लेने और उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

अनसुलझे सवाल

इस धमकी भरे फोन कॉल से कई सवाल खड़े होते हैं। क्या खालिस्तानी समर्थक वास्तव में इतनी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं? क्या भारतीय सुरक्षा एजेंसियां इस धमकी से निपटने के लिए तैयार हैं? और सबसे महत्वपूर्ण, क्या इस धमकी का उद्देश्य सिख समुदाय को उकसाना और उनके बीच असुरक्षा का माहौल बनाना है?

इस धमकी भरे फोन कॉल ने भारतीय सुरक्षा तंत्र को हिलाकर रख दिया है और इस मामले की जांच चल रही है। उम्मीद है कि जल्द ही इसके पीछे का सच सामने आएगा।