सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : दिल्ली के सरकारी स्कूलों में कार्यरत 20 हजार से अधिक गेस्ट टीचर्स के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। दिल्ली शिक्षा निदेशालय (DoE) ने शिक्षकों को प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान करने की मौजूदा व्यवस्था के स्थान पर निश्चित मासिक मानदेय देने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव के तहत प्राथमिक शिक्षक (PRT), प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) और स्नातकोत्तर शिक्षक (PGT) के मानदेय में बढ़ोतरी की संभावना है। हालांकि, प्रस्ताव को लागू करने के लिए सरकार की अंतिम मंजूरी जरूरी है।
किस शिक्षक को कितना मिल सकता है मानदेय? मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शिक्षा निदेशालय के प्रस्ताव में 60 प्रतिशत महंगाई भत्ते (DA) को शामिल करते हुए मासिक मानदेय निर्धारित करने की बात कही गई है। PGT शिक्षक: 76,160 रुपये प्रतिमाह TGT शिक्षक: 71,840 रुपये प्रतिमाह PRT शिक्षक: 56,640 रुपये प्रतिमाह ये प्रस्तावित राशियां हैं। इन्हें अंतिम स्वीकृति और लागू होने की पुष्टि के बिना निश्चित वेतन नहीं माना जाना चाहिए। प्रस्ताव में मकान किराया भत्ता (HRA) या अन्य अतिरिक्त भत्ते देने का प्रावधान नहीं होने की भी जानकारी सामने आई है। प्रतिदिन के भुगतान की जगह मिलेगी तय मासिक राशि वर्तमान व्यवस्था में गेस्ट टीचर्स को स्कूल में उपस्थिति और कार्य किए गए दिनों के आधार पर मानदेय दिया जाता है। प्रस्तावित बदलाव के बाद पात्र शिक्षकों को हर महीने निश्चित राशि मिलने का रास्ता खुल सकता है। इससे उनकी आय में नियमितता आएगी और महीने में कार्यदिवसों की संख्या के कारण होने वाले उतार-चढ़ाव में कमी आ सकती है।
आकस्मिक अवकाश और छुट्टियों में भुगतान का प्रस्ताव रिपोर्टों के मुताबिक, प्रस्ताव में एक वित्तीय वर्ष में आठ दिन के आकस्मिक अवकाश (Casual Leave) का प्रावधान भी शामिल है। निर्धारित सीमा से अधिक अनुपस्थिति होने पर मानदेय में कटौती की जा सकती है। इसके अलावा, निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले शिक्षकों को गर्मी और सर्दी की छुट्टियों के दौरान भी मासिक मानदेय देने की योजना बताई गई है।
क्या नियमित हो जाएंगे गेस्ट टीचर्स? नहीं। प्रस्तावित बदलाव का अर्थ गेस्ट टीचर्स का नियमितीकरण नहीं है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उनकी सेवा स्थिति संविदात्मक ही रहेगी। यानी मासिक मानदेय और अवकाश से जुड़ी सुविधाओं में बदलाव का प्रस्ताव है, स्थायी सरकारी शिक्षक का दर्जा देने का नहीं। कब से लागू हो सकती है नई व्यवस्था? मीडिया रिपोर्टों में नई व्यवस्था को 1 नवंबर 2026 से लागू करने की योजना का उल्लेख किया गया है। हालांकि, अंतिम तारीख सरकार की मंजूरी और संबंधित आदेश जारी होने पर निर्भर करेगी। फिलहाल गेस्ट टीचर्स को आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।
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