सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /  आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल :  भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 25 से 27 जून के बीच चीन के किंगदाओ शहर में आयोजित होने वाली शंघाई सहयोग संगठन की रक्षा मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे। इस बैठक में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ भी भाग लेंगे। यह यात्रा इस मायने में खास है कि पिछले 7 वर्षों में किसी भी भारतीय मंत्री की यह पहली चीन यात्रा होगी। इससे पहले अप्रैल 2018 में तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज चीन गई थीं।

राजनाथ सिंह की इस यात्रा को भारत-चीन संबंधों को सामान्य करने के प्रयासों की एक अहम कड़ी माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच व्यापार, यात्राएं और संवाद धीरे-धीरे पुनः सक्रिय हो रहे हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा का फिर से शुरू होना और डेपसांग व डेमचोक क्षेत्रों में गश्त संबंधी सूचनाओं का आना इसका प्रमाण हैं। चीन के रक्षा मंत्री से होगी द्विपक्षीय वार्ता बैठक के दौरान राजनाथ सिंह की चीन के रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जून से द्विपक्षीय वार्ता भी प्रस्तावित है। इस दौरान वीजा नीति, कैलाश यात्रा, जल-स्रोतों का डेटा साझा करना और हवाई संपर्क बहाल करने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। इससे पहले दोनों नेताओं की मुलाकात लाओस में ADMM-प्लस सम्मेलन के दौरान हुई थी, जो गलवान संघर्ष के बाद पहली सीधी वार्ता थी।

सीमा विवाद में आई नरमी गौरतलब है कि भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में 2020 से सीमा विवाद चला आ रहा था। हालांकि दिसंबर 2024 में एक समझौता हुआ, जिसमें तय किया गया कि देपसांग और डेमचोक क्षेत्रों से दोनों सेनाएं पीछे हटेंगी और अप्रैल 2020 से पहले की स्थिति में लौटेंगी। इसके तहत 25 अक्टूबर 2024 से सेनाओं की वापसी भी शुरू हुई थी।

शंघाई सहयोग संगठन  एक परिचय

शंघाई सहयोग संगठन एक क्षेत्रीय अंतरराष्ट्रीय संगठन है जिसकी स्थापना 2001 में चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने मिलकर की थी। भारत और पाकिस्तान 2017 में, जबकि ईरान 2023 में इसका हिस्सा बने। शंघाई सहयोग संगठन का उद्देश्य सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और राजनीतिक स्थिरता को बढ़ावा देना है। यह संगठन आतंकवाद, साइबर अपराध, उग्रवाद और ड्रग तस्करी जैसे विषयों पर साझा रणनीति बनाता है।

राजनाथ सिंह की यह यात्रा न केवल राजनयिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है बल्कि यह भारत-चीन संबंधों के एक नए अध्याय की शुरुआत भी बन सकती है।

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