सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : ईरान पर मदर ऑफ ऑल बॉम्ब गिराएगा अमेरिका, ट्रंप की रणनीति पर चर्चा?
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बार फिर अमेरिकी सैन्य रणनीति और शक्तिशाली बमों के इस्तेमाल को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रुख और ईरान को लेकर दिए जा रहे बयानों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या अमेरिका ईरान के खिलाफ ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब’ का इस्तेमाल कर सकता है। हालांकि, इस तरह के किसी हमले की आधिकारिक पुष्टि के बिना इसे संभावित सैन्य कार्रवाई के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
क्या है ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब’? ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब’ अमेरिका के जीबीयू-43/बी मैसिव ऑर्डनेंस एयर ब्लास्ट बम का लोकप्रिय नाम है। यह एक अत्यधिक शक्तिशाली गैर-परमाणु बम है, जिसे बड़े क्षेत्र में विस्फोटक प्रभाव पैदा करने के लिए तैयार किया गया है। इसका इस्तेमाल पहली बार अप्रैल 2017 में अफगानिस्तान में किया गया था। यह परमाणु हथियार नहीं है, लेकिन पारंपरिक विस्फोटकों में सबसे शक्तिशाली हथियारों में गिना जाता है।
ईरान के खिलाफ इस्तेमाल कितना संभव? ईरान के खिलाफ किसी भी बड़े अमेरिकी सैन्य अभियान का फैसला कई रणनीतिक, सैन्य और राजनीतिक कारकों पर निर्भर करेगा। लक्ष्य की प्रकृति, हथियार की उपयोगिता, संभावित नागरिक नुकसान और क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन ऐसे फैसले में महत्वपूर्ण होगा। किसी हथियार की उपलब्धता अपने आप में उसके इस्तेमाल का प्रमाण नहीं होती।
ट्रंप के रुख पर दुनिया की नजर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव का असर पश्चिम एशिया की सुरक्षा, वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर पड़ सकता है। किसी बड़े हमले की स्थिति में क्षेत्रीय संघर्ष बढ़ने की आशंका भी पैदा हो सकती है। इसलिए अमेरिकी प्रशासन के आधिकारिक बयानों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर ही संभावित सैन्य कार्रवाई के बारे में निष्कर्ष निकालना जरूरी है। फिलहाल, ईरान पर ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब’ गिराए जाने की पुष्टि के बिना इस दावे को तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता। घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति जानने के लिए आधिकारिक घोषणाओं और स्वतंत्र रूप से सत्यापित रिपोर्टों पर नजर रखना आवश्यक है।
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