सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : कलेक्टर प्रियंक मिश्रा की अध्यक्षता में भोपाल जिले के किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी रबी सीजन को देखते हुए किसानों को बिजली एवं सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता, लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण, खाद की उपलब्धता तथा नरवाई प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण सहित किसानों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

कलेक्टर मिश्रा ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए। कृषि कार्यों के लिए निर्धारित समय पर बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। विद्युत आपूर्ति में व्यवधान, कम वोल्टेज और जले हुए ट्रांसफार्मर से संबंधित शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि किसानों को रबी फसलों की बोवनी एवं सिंचाई के दौरान अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

लंबित राजस्व प्रकरणों का प्राथमिकता से होगा निराकरण बैठक में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन सहित किसानों से संबंधित लंबित राजस्व प्रकरणों पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रकरणों के निराकरण में अनावश्यक विलंब न किया जाए तथा निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आवश्यकता के अनुसार विशेष शिविर आयोजित कर किसानों की समस्याओं का मौके पर निराकरण करने पर भी जोर दिया गया। प्रशासन का उद्देश्य है कि किसानों को अपने राजस्व संबंधी कार्यों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

कलेक्टर ने किसानों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए

नरवाई नहीं जलाएं किसान, पर्यावरण संरक्षण में करें सहयोग बैठक में फसल कटाई के बाद खेतों में बचने वाली नरवाई के उचित प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर मिश्रा ने किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे किसानों को नरवाई नहीं जलाने के लिए जागरूक करें और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाएं। नरवाई जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है, मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है तथा खेतों में मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीवों को नुकसान पहुंच सकता है।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के साथ संवाद, चौपाल और जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि नरवाई प्रबंधन के वैकल्पिक उपायों को प्रोत्साहित किया जा सके। किसानों को फसल अवशेषों के प्रबंधन के लिए उपलब्ध कृषि यंत्रों और उपयुक्त तकनीकों की जानकारी देने पर भी जोर दिया गया। इनमें सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, रोटावेटर एवं अन्य उपयुक्त कृषि यंत्रों के उपयोग से फसल अवशेषों का प्रबंधन किया जा सकता है। पात्र किसानों को शासन की योजनाओं के तहत उपलब्ध अनुदान की जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए।

कलेक्टर ने किसानों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए

नियमों का उल्लंघन करने पर होगी नियमानुसार कार्रवाई कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि नरवाई जलाने पर लागू प्रतिबंधों का पालन सुनिश्चित कराया जाए। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसानों को नियमों के प्रति जागरूक करने के साथ उल्लंघन के मामलों में प्रचलित नियमों एवं शासन के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाए। किसानों से अपील की गई कि वे फसल अवशेषों को जलाने के बजाय उनका उचित प्रबंधन करें और स्वच्छ पर्यावरण बनाए रखने में सहयोग दें।

किसानों और प्रशासन के बीच समन्वय पर जोर बैठक में किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने कृषि कार्यों से जुड़ी समस्याएं एवं सुझाव रखे। कलेक्टर मिश्रा ने संबंधित विभागों को इन विषयों पर आवश्यक कार्रवाई करने तथा किसानों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समय पर समाधान, कृषि कार्यों के लिए आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता और पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।


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