सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारतीय क्रिकेट टीम में खिलाड़ियों की चोटों को लेकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) की वार्षिक रिपोर्ट में अहम जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, 32 शीर्ष भारतीय क्रिकेटरों को चोटों के कारण रिहैबिलिटेशन की जरूरत पड़ी। इससे खिलाड़ियों की फिटनेस, कार्यभार प्रबंधन और चोट से उबरने की प्रक्रिया पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित हुआ है।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) खिलाड़ियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं और वैज्ञानिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। रिपोर्ट में COE के बजट में बढ़ोतरी का भी उल्लेख है, जो बढ़कर करीब 127 करोड़ रुपये बताया गया है। इस खर्च का उद्देश्य खिलाड़ियों की चोटों का उपचार, पुनर्वास, फिटनेस और प्रदर्शन सुधारने से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करना है।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के व्यस्त कार्यक्रम, लगातार यात्रा और तीनों प्रारूपों में खेलने के दबाव के कारण खिलाड़ियों की फिटनेस बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गया है। तेज गेंदबाजों और नियमित रूप से सभी प्रारूपों में खेलने वाले खिलाड़ियों पर कार्यभार का असर विशेष रूप से देखा जाता है।
चोटों के कारण खिलाड़ियों की उपलब्धता प्रभावित होने से टीम संयोजन और आगामी सीरीज की तैयारियों पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे में COE की भूमिका केवल चोट के बाद इलाज तक सीमित नहीं, बल्कि चोटों की रोकथाम, फिटनेस निगरानी और खिलाड़ियों की समय पर वापसी सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण है।
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