सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : नई दिल्ली। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद ने कक्षा 9 के विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम में पहली बार व्यक्तिगत आयकर को शामिल किया है। नई सामाजिक विज्ञान पुस्तक में विद्यार्थियों को आयकर की बुनियादी जानकारी देने के साथ नई कर व्यवस्था के तहत कर की गणना का तरीका भी समझाया गया है।

नई पुस्तक ‘समाज को समझना : भारत और उससे आगे—भाग 2’ के व्यक्तिगत वित्त से जुड़े अध्याय में आयकर की स्लैब आधारित गणना दी गई है। विद्यार्थियों को बताया गया है कि आय के आधार पर अलग-अलग कर स्लैब कैसे लागू होते हैं और कर देयता की गणना किस तरह की जाती है। खास बात यह है कि इस अध्याय में पुरानी कर व्यवस्था का उल्लेख नहीं किया गया है और पूरा ध्यान नई कर व्यवस्था पर रखा गया है।

पाठ्यक्रम में आयकर को केवल गणना तक सीमित नहीं रखा गया है। पुस्तक में करों का ईमानदारी से और समय पर भुगतान करना नागरिक जिम्मेदारी के रूप में बताया गया है। इसके अलावा विद्यार्थियों को व्यक्तिगत वित्त प्रबंधन के तहत आय, बजट, बचत, निवेश तथा वित्तीय जोखिमों से सुरक्षा जैसे विषयों की जानकारी भी दी गई है।

एनसीईआरटी के अनुसार, कम उम्र में वित्तीय समझ विकसित करने का उद्देश्य विद्यार्थियों को भविष्य में बेहतर आर्थिक निर्णय लेने के लिए तैयार करना है। पुस्तक में सावधि जमा, बांड, शेयर और म्यूचुअल फंड जैसे निवेश विकल्पों का भी परिचय दिया गया है। इस तरह कक्षा 9 के विद्यार्थी कमाई से लेकर खर्च, बचत, निवेश और कर भुगतान तक व्यक्तिगत वित्त की बुनियादी जानकारी हासिल करेंगे।


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