सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़, भोपाल।नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर मंगलवार सुबह तिरंगा लेकर पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) से जुड़े नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उनके साथ संगठन के अन्य सदस्यों को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई, जब प्रशासन ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति से संबंधित व्यवस्था में बदलाव करते हुए वहां विरोध प्रदर्शनों पर रोक लगा दी थी। तिरंगा लेकर प्रदर्शन स्थल पहुंचे नेता मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सीजेपी से जुड़े सदस्य मंगलवार सुबह जंतर-मंतर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तिरंगा था। पुलिस ने उन्हें वहां पहुंचने के बाद हिरासत में ले लिया। संगठन की ओर से साझा की गई जानकारी में आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे सहित अन्य सदस्यों को हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया है।

यह घटनाक्रम पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच सामने आया है। सीजेपी और अन्य प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि मतदाता सूचियों में संशोधन की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल हैं और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति रद्द रिपोर्टों के अनुसार, प्रशासन ने 12 अक्टूबर को जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित व्यवस्था से हटा दिया था। इसके बाद मंगलवार को वहां बिना अनुमति पहुंचने वाले प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस की ओर से इस विशेष कार्रवाई के संबंध में विस्तृत आधिकारिक बयान उपलब्ध नहीं होने के कारण हिरासत की पूरी परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। चुनाव आयोग के खिलाफ जारी है विरोध

सीजेपी के नेतृत्व में हो रहे आंदोलन में चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में संशोधन को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि जिन पात्र मतदाताओं के नाम गलती से हट गए हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोबारा पंजीकरण करा सकते हैं। जंतर-मंतर पर हुई ताजा कार्रवाई ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के अधिकार और सार्वजनिक स्थानों पर सभाओं को नियंत्रित करने के प्रशासनिक अधिकारों के बीच संतुलन को लेकर बहस फिर तेज कर दी है। आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर क्या कदम उठाते हैं और प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।


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