सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : चितकारा विश्वविद्यालय के 57 शोधकर्ता विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल
चंडीगढ़। चितकारा विश्वविद्यालय के लिए शोध और नवाचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। विश्वविद्यालय के 57 शोधकर्ताओं को वर्ष 2026 की स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय और एल्सेवियर की विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में स्थान मिला है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के वैज्ञानिक योगदान, शैक्षणिक अनुसंधान और विभिन्न विषयों में ज्ञान के विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को वैश्विक पहचान देती है। शोध और नवाचार में योगदान को मिली वैश्विक पहचानस्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय और एल्सेवियर की यह सूची विभिन्न विषयों में शोधकर्ताओं के प्रभाव का आकलन मानकीकृत उद्धरण संकेतकों और शोध के प्रभाव के आधार पर करती है। इसमें शामिल 57 शोधकर्ताओं का योगदान अभियांत्रिकी, स्वास्थ्य सेवा, प्रौद्योगिकी, व्यवसाय और अन्य क्षेत्रों में ज्ञान के विस्तार से जुड़ा है।
चितकारा विश्वविद्यालय की अध्यक्ष एवं सह-संस्थापक डॉ. मधु चितकारा ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शोध का उद्देश्य केवल ज्ञान की सीमाओं का विस्तार करना नहीं, बल्कि वास्तविक समस्याओं का समाधान करना और समाज के लिए सार्थक योगदान देना भी है। उन्होंने शोधकर्ताओं की मेहनत और विश्वविद्यालय में विकसित हो रहे शोधपरक वातावरण की सराहना की। अंतरविषयक अनुसंधान को बढ़ावा
विश्वविद्यालय में शिक्षकों और शोधकर्ताओं को विभिन्न विषयों में सहयोग, वैज्ञानिक अनुसंधान और उभरती चुनौतियों पर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। संस्थान का उद्देश्य ऐसे शोध को बढ़ावा देना है, जिसका लाभ शिक्षा जगत के साथ-साथ उद्योग और समाज को भी मिल सके।
विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में 57 शोधकर्ताओं का शामिल होना विश्वविद्यालय के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि है। यह सम्मान युवा शोधकर्ताओं को वैज्ञानिक खोज, नवाचार और ज्ञान के नए क्षेत्रों में योगदान देने के लिए प्रेरित करने वाला कदम भी है।
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