सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार, 17 अक्टूबर को लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर विद्यार्थियों और शोधार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावियों को सम्मानित किया गया। समारोह में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय भी उपस्थित रहे।
260 विद्यार्थियों और शोधार्थियों को मिलीं उपाधियां समारोह में कुल 260 विद्यार्थियों और शोधार्थियों को विभिन्न पाठ्यक्रमों की उपाधियां प्रदान की गईं। वहीं, 17 मेधावी विद्यार्थियों को कुल 20 पदकों से सम्मानित किया गया। इनमें 11 स्वर्ण, पांच रजत और चार कांस्य पदक शामिल रहे। विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कानून के शासन पर दिया जोर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कानून के शासन और संवैधानिक व्यवस्था के महत्व पर बात रखी। उन्होंने कहा कि विधि के विद्यार्थियों को तथ्यों, साक्ष्यों और तर्कों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी सरकार के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में कानून का शासन स्थापित करने पर जोर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से अपने पेशेवर जीवन में सिद्धांतों और नैतिक मूल्यों का पालन करने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि कानून की शिक्षा प्राप्त करने वाले युवाओं की समाज में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वे न्याय, संवैधानिक मूल्यों और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा में योगदान दे सकते हैं।
दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के शैक्षणिक जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है। इस अवसर पर उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से अपेक्षा की गई कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज तथा देश के विकास में करेंगे।
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