सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल: छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ निर्यात संवर्धन नीति 2026 – 30 को मंजूरी दे दी है। नीति का लक्ष्य 2025 – 26 की तुलना में मार्च 2030 तक राज्य के वस्तु निर्यात को दोगुना करना है। इसमें निर्यात ढांचे को मजबूत करने, बाजार पहुंच बेहतर बनाने और स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया है।

नीति के तहत निर्यातकों को निर्यात ऋण बीमा, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स सहित कई क्षेत्रों में वित्तीय सहायता दी जाएगी। निर्यात ऋण बीमा के लिए ₹5 लाख तक की सहायता प्रस्तावित है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़ने के लिए निर्यातकों को ₹2 लाख तक और राज्य के Inland Container Depot के माध्यम से निर्यात लॉजिस्टिक्स के लिए ₹20 लाख तक की सहायता मिल सकेगी। उत्पादन इकाइयों से ICD तक प्रारंभिक परिवहन के लिए भी नीति में सहायता का प्रावधान है।

ODOP और GI-टैग वाले उत्पादों के लिए नीति में अतिरिक्त प्रोत्साहन रखे गए हैं। इनमें अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग और निर्यात पैकेजिंग के लिए सहायता शामिल है। पहली बार निर्यात करने वाले उद्यमियों को पंजीयन लागत में सहायता मिलेगी, जबकि GI आवेदन और पंजीयन के लिए भी सहायता का प्रावधान किया गया है।

बस्तर और सरगुजा संभागों में संचालित उद्यमों के साथ महिला उद्यमी, SC/ST उद्यमी, पूर्व सैनिक, अग्निवीर, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के निर्यातक और दिव्यांगजन नीति प्रावधानों के अधीन प्रोत्साहनों पर अतिरिक्त 10% लाभ के पात्र होंगे।

सरकार अंतरराष्ट्रीय मांग, टैरिफ, गैर-टैरिफ बाधाओं और व्यापार अवसरों की जानकारी देने के लिए Export Intelligence Cell स्थापित करने की भी योजना बना रही है। निर्यात प्रक्रियाओं, दस्तावेजीकरण, गुणवत्ता मानकों और प्रमाणन से जुड़े प्रशिक्षण की व्यवस्था भी प्रस्तावित है।

छत्तीसगढ़ के मौजूदा निर्यात बास्केट में चावल, आयरन और स्टील, एल्युमिनियम, इंजीनियरिंग उत्पाद तथा अन्य कृषि और वन-आधारित उत्पाद शामिल हैं। राज्य सरकार के अनुसार नई नीति का उद्देश्य मूल्य संवर्धित निर्यात बढ़ाना और वैश्विक बाजारों में छोटे कारोबारों तथा स्थानीय उत्पादकों की भागीदारी का विस्तार करना है।


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