सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के दरैन गांव की जमीन से जुड़े विवाद में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सिविल अदालत के अधिकार क्षेत्र को लेकर महत्वपूर्ण व्यवस्था दी है। अदालत ने जनकपुर की सिविल अदालत के उस आदेश को सही माना, जिसमें मामले की सुनवाई के अधिकार क्षेत्र को स्वीकार किया गया था। हाई कोर्ट ने इस आधार पर दायर याचिका खारिज कर दी।

मामले में विवादित संपत्तियों में एक जमीन शहडोल जिले में स्थित है, जबकि अन्य जमीनें छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के घटई और खरिका टोला में हैं। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि शहडोल स्थित जमीन पर विवाद होने के कारण छत्तीसगढ़ की अदालत को पूरे मामले की सुनवाई का अधिकार नहीं है। इसी आधार पर उन्होंने सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 16 के तहत आपत्ति दर्ज कराई थी।

जनकपुर की सिविल अदालत ने 10 अगस्त 2026 को यह आवेदन खारिज कर दिया था। इसके बाद मामला छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट पहुंचा। हाई कोर्ट ने माना कि जब एक ही मुकदमे से जुड़ी कई अचल संपत्तियों में से कम-से-कम एक संपत्ति संबंधित अदालत की क्षेत्रीय सीमा में स्थित है, तो उस अदालत में पूरे विवाद की सुनवाई की जा सकती है। इस व्यवस्था के बाद शहडोल की जमीन से जुड़े विवाद की सुनवाई छत्तीसगढ़ में जारी रहने का रास्ता साफ हो गया है।


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