सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस  /   आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल  /   गोरखपुर     :   गोरखपुर में महंत अवैद्यनाथ पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित सेमिनार में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियों पर विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि भूमि राष्ट्र की भौतिक पहचान है, लेकिन राष्ट्र की विचारधारा की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है जितना शरीर के लिए खून। विचारधारा प्रशासनिक ढांचे को मजबूत बनाती है और राष्ट्र संचालन में मार्गदर्शक का काम करती है।

जनरल चौहान ने सीमा विवाद, विशेषकर चीन के साथ, और परमाणु हथियारों से लैस विरोधी देशों को सबसे बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि युद्ध राजनीति का विस्तार है और इसमें सैनिक तत्परता, राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्र सुरक्षा के तीन स्तर एक साथ काम करते हैं। ऑपरेशन सिंदूर और सुदर्शन चक्र मिशन जैसे प्रयासों के जरिए भारत अपनी सुरक्षा को मजबूत बना रहा है।

सीडीएस ने आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए कहा कि रक्षा अनुसंधान और नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी जैसी पहल भविष्य में सुरक्षा क्षमता बढ़ाएंगी। उन्होंने साइबर स्पेस, रोबोटिक्स और स्पेस सर्विलांस जैसी नई चुनौतियों का भी उल्लेख किया।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की धरती के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने देशवासियों को चेताया कि राष्ट्र की सुरक्षा में हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है।

सीडीएस  ने गोरखपुर में गोरखा युद्ध स्मारक और म्यूजियम के शिलान्यास में भी भाग लिया और गोरखनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ डिनर किया।

#सीडीएसअनिलचौहान #राष्ट्रीयसुरक्षा #भारतरक्षा #सीमासमस्याएं #साइबरसुरक्षा #सुदर्शनचक्रमिशन #योगीआदित्यनाथ