सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पंजाब सरकार के 15 विभागों की फाइलें तलब, सीबीआई ने तेज की जांच

चंडीगढ़। पंजाब की मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार के 15 महत्वपूर्ण विभागों से केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मूल सरकारी अभिलेख और अहम फाइलें मांगी हैं। यह कार्रवाई अधिकारियों की नियुक्तियों और तबादलों, सरकारी नीतियों, ठेकों तथा अन्य प्रशासनिक फैसलों में कथित भ्रष्टाचार से जुड़े मामले की जांच के तहत की जा रही है। राज्य सरकार के कार्मिक विभाग ने संबंधित विभागों को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद जांच तेज यह जांच पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद शुरू हुई है। सीबीआई ने 5 अक्टूबर 2026 को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। जांच एजेंसी ने पंजाब सरकार के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर विभिन्न विभागों से संबंधित मूल फाइलें, टिप्पणियां, मसौदे और आधिकारिक पत्राचार उपलब्ध कराने को कहा है। जांच एजेंसी को 4 दिसंबर 2026 तक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। इसी समयसीमा को ध्यान में रखते हुए सरकारी अभिलेख जुटाने की प्रक्रिया तेज की गई है।

किन विभागों से मांगे गए दस्तावेज? सीबीआई ने गृह, राजस्व, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, स्थानीय निकाय, आवास एवं शहरी विकास, पशुपालन एवं डेयरी विकास सहित कुल 15 विभागों से संबंधित रिकॉर्ड मांगा है। जांच में अधिकारियों की नियुक्तियों और तबादलों के अलावा सरकारी ठेकों, भर्ती प्रक्रियाओं, खरीद संबंधी निर्णयों और विभिन्न नीतिगत मामलों की फाइलें भी शामिल हैं।

पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग में वर्ष 2023-24 के दौरान वितरक बदलने की प्रक्रिया से संबंधित दस्तावेज भी मांगे गए हैं। इसके अतिरिक्त आवासीय परियोजनाओं, लाइसेंस संबंधी निर्णयों और सरकारी संस्थानों की कुछ खरीद प्रक्रियाओं से जुड़े अभिलेखों की जांच की जानी है।

मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े अधिकारियों की नियुक्तियां भी जांच के दायरे में जांच एजेंसी ने मुख्यमंत्री कार्यालय में नियुक्तियों और तबादलों से संबंधित दस्तावेज भी तलब किए हैं। इनमें मुख्यमंत्री के पूर्व विशेष कार्य अधिकारी राजबीर सिंह घुम्मन और मुख्यमंत्री कार्यालय में कार्यरत रहे जितिन कुमार गोहल उर्फ राजा से संबंधित नियुक्ति एवं स्थानांतरण आदेश शामिल हैं। मामले में कुछ अन्य व्यक्तियों और सरकारी निर्णयों से जुड़े आरोपों की भी जांच की जा रही है। हालांकि, किसी व्यक्ति या विभाग का नाम जांच में शामिल होना अपने आप में अपराध सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।

रिकॉर्ड जुटाने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त पंजाब सरकार के कार्मिक विभाग ने संबंधित विभागों को आवश्यक अभिलेख शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। दस्तावेजों के संकलन और जांच एजेंसी तक पहुंचाने के लिए विशेष सचिव गौतम जैन को समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस व्यवस्था का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच तालमेल बनाए रखना और रिकॉर्ड उपलब्ध कराने में देरी रोकना है।

आगे की जांच पर नजर सीबीआई की यह कार्रवाई सरकारी नियुक्तियों, तबादलों, ठेकों और नीतिगत फैसलों को कथित रूप से प्रभावित करने के आरोपों की पड़ताल का हिस्सा है। अब जांच एजेंसी संबंधित दस्तावेजों और आधिकारिक अभिलेखों के आधार पर आरोपों की कड़ियों की जांच करेगी।

मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल, पंजाब सरकार के 15 विभागों से रिकॉर्ड मांगे जाने के बाद इस प्रकरण की जांच महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है।


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