सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) की संशोधित गाइडलाइंस इन दिनों चर्चा में हैं। नई व्यवस्था में फिल्मों में हिंसा, नशीले पदार्थों, संवेदनशील सामाजिक मुद्दों, फिल्म के शीर्षक और दूसरे देशों के साथ भारत के संबंधों को लेकर प्रमाणन के दौरान विशेष ध्यान देने की बात कही गई है। ये नियम सलमान खान की आगामी फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ के लिए भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
फिल्म की कहानी 2020 के गलवान संघर्ष और भारत-चीन सैन्य तनाव की पृष्ठभूमि से जुड़ी बताई जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक फिल्म को CBFC प्रमाणपत्र मिलने में देरी हुई है और चीन से जुड़े विषय को भी चर्चा का एक कारण बताया गया है। नई गाइडलाइंस में स्पष्ट किया गया है कि फिल्मों की सामग्री से भारत के दूसरे देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ना चाहिए। हालांकि, इसका अंतिम असर फिल्म के प्रमाणन पर क्या होगा, यह CBFC के निर्णय पर निर्भर करेगा।
नई गाइडलाइंस में हिंसा के महिमामंडन और अपराध करने के तरीके को इस तरह दिखाने से बचने की बात कही गई है जिससे अपराध को बढ़ावा मिले। वहीं नशीले पदार्थों के सेवन या तस्करी वाले दृश्यों के साथ निर्धारित चेतावनी देना जरूरी किया गया है। फिल्मों को UA, UA 7+, UA 13+, UA 16+ और A जैसी श्रेणियों में प्रमाणित किया जा सकता है। CBFC ने फिल्म के शीर्षक की भी सावधानी से जांच करने का प्रावधान रखा है। शीर्षक भड़काऊ, अश्लील, आपत्तिजनक या प्रमाणन दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने वाला नहीं होना चाहिए। ऐसे में ‘मातृभूमि’ के कंटेंट और प्रस्तुति को भी इन नियमों के अनुरूप देखा जाएगा। फिलहाल फिल्म के अंतिम प्रमाणपत्र या किसी कट को लेकर आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है।
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