सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : छात्रों को सही दिशा दिखाना शिक्षकों का कर्तव्य ही नहीं, राष्ट्रीय जिम्मेदारी भी है – इसी संदेश के साथ पवित्र नगरी वाराणसी से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना की शुरुआत की गई। योजना के तहत प्रदेश के करीब 12 लाख शिक्षकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों और उनके आश्रितों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी। इससे राज्यभर में सामाजिक सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं तक पहुंच को मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) प्रणाली के जरिए करीब 1.1 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों में प्रति छात्र ₹1,200 की वित्तीय सहायता सीधे भेजी गई। स्वच्छता और पर्यावरणीय स्थिरता में उत्कृष्टता के लिए राष्ट्रीय स्तर पर चयनित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और प्रधानाध्यापकों को भी सम्मानित किया गया।

इसके साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) का आदान-प्रदान किया गया। इसके माध्यम से करीब 10 लाख शिक्षकों और संविदा कर्मचारियों को व्यापक सामाजिक सुरक्षा कवर उपलब्ध कराया जाएगा। इन पहलों का उद्देश्य शिक्षकों के कल्याण, विद्यार्थियों के परिवारों को आर्थिक सहयोग, स्वच्छ और हरित विद्यालयों को बढ़ावा तथा राज्य के शिक्षा कार्यबल के लिए दीर्घकालिक सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना है।


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